कुचामन सिटी. वर्ष 2017-18 के चर्चित आंगनवाड़ी पोषाहार घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नागौर जिले से कुल 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें कुचामन सिटी और परबतसर क्षेत्र के कार्मिक भी शामिल हैं।


एसीबी ने कुचामन सिटी से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में महिला पर्यवेक्षक हेमा अग्रवाल, गीता वर्मा, मनीष शेखावत, अंजू शर्मा, संविदा कर्मी राजेंद्र प्रसाद दायमा तथा विजेंद्र सिंह शामिल हैं।

वहीं परबतसर क्षेत्र से भी 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें खूबचंद भाकर, मूली देवी, संतोष देवी और कमल किशोर के नाम शामिल हैं। जानकारी के अनुसार परबतसर से गिरफ्तार किए गए कार्मिकों में एक पहले से निलंबित है। एक सेवानिवृत्त हो चुका है तथा दो वर्तमान में कार्यरत बताए जा रहे हैं।
एसीबी की ओर से सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। कार्रवाई के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के लिए जोधपुर ले जाया जाएगा।

क्या था मामला :-
वर्ष 2017-18 में महिला एवं बाल विकास विभाग के आंगनवाड़ी पोषाहार वितरण में करोड़ों रुपए के घोटाले का मामला सामने आया था। आरोप था कि विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से फर्जी व अनियमित पोषाहार बिल पास किए गए।
31 जुलाई 2018 को एसीबी ने नागौर जिले के कुचामन, डेगाना, परबतसर सहित 11 स्थानों पर छापेमारी कर रिकॉर्ड जब्त किया था।
जांच में कुचामन के तत्कालीन सीडीपीओ शक्तिसिंह हापावत द्वारा करीब 7.40 करोड़ रुपए तथा डेगाना की तत्कालीन सीडीपीओ सुधा यादव द्वारा करीब 1.50 करोड़ रुपए के बिल पास करने का मामला सामने आया।
करीब 7 माह की जांच के बाद एसीबी ने मार्च 2019 में दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार किया था। मामले में ठेकेदारों और विभागीय कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की गई, जिसमें नकदी और सरकारी दस्तावेज भी बरामद हुए थे।
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