कुचामन सिटी. जैन समाज द्वारा श्री जैन वीर मंडल के तत्वावधान में सोमवार को संतों की सुरक्षा की मांग को लेकर मौन जुलूस एवं आक्रोश रैली का आयोजन किया गया।


बड़ी संख्या में समाज के श्रावक-श्राविकाओं ने बांह पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।

मंडल अध्यक्ष सोभागमल गंगवाल ने बताया कि 20 मई को मध्यप्रदेश के रीवा में पद विहार कर रही दो जैन साध्वियों की एक चालक द्वारा निर्मम हत्या किए जाने की घटना से पूरे जैन समाज में भारी आक्रोश है। इसी के विरोध में देशभर में मौन रैलियां आयोजित की जा रही हैं।
कुचामन सिटी में पुरानी धान मंडी से प्रारंभ हुई मौन रैली मुख्य मार्गों से होते हुए तहसील कार्यालय पहुंची। जहां भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार के नाम मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसील प्रशासन को सौंपा गया।

संस्था के सचिव सुभाष पहाड़िया ने बताया कि ज्ञापन में घटना की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच, एसआईटी अथवा न्यायिक जांच करवाने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही संत सुरक्षा प्रोटोकॉल तत्काल प्रभाव से लागू करने, विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय, पुलिस सहयोग एवं ट्रैफिक नियंत्रण सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई।
ज्ञापन में पैदल विहार करने वाले संतों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर गाइडलाइन एवं एसओपी बनाने, संतों के विरुद्ध अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में शामिल करने तथा प्रशासन एवं समाज के बीच समन्वय तंत्र विकसित करने की मांग की गई।
उप सचिव अशोक झांझरी ने बताया कि कार्यक्रम में विनोद झांझरी, लालचंद पहाड़िया, मनोज पांडया, संतोष कुमार, अजित, देवेन्द्र पहाड़िया, कैलाश पांडया, राजकुमार, निलेश सेठी कुकनवाली, पारस काला जिलिया, रानी पाटनी, अनिल काला, सुरेन्द्र सिंह दीपपुरा, संदीप पांडया सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।
कुचामन-नावां कांग्रेस 27 मई को करेगी धरना-प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन






