कुचामन सिटी. गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति भारत, कुचामन शाखा के तत्वावधान में डीडवाना रोड स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय उगरपुरा में एक प्रभावी एवं प्रेरणादायक संस्कार सेमिनार का आयोजन किया गया।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशोर तिवाड़ी रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुचामन शाखा अध्यक्ष सत्यप्रकाश शर्मा ने बताया कि इस सेमिनार का उद्देश्य विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, पारिवारिक संस्कारों एवं सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता विकसित करना है। उन्होंने कहा कि आज के परिवेश में संस्कारयुक्त शिक्षा अत्यंत आवश्यक है, जो बच्चों को एक आदर्श नागरिक बनने की दिशा प्रदान करती है।


राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्यामसुंदर मंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करने, परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के प्रति आदरभाव रखने तथा अनुशासित जीवन जीने का संकल्प दिलाया।
उन्होंने कहा कि संस्कार ही व्यक्ति के व्यक्तित्व की वास्तविक पहचान होते हैं।
मुख्य अतिथि रामकिशोर तिवाड़ी ने अपने उद्बोधन में राष्ट्र निर्माण में अच्छे संस्कारों एवं सुदृढ़ चरित्र की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न प्रेरक दृष्टांत प्रस्तुत किए।
उन्होंने कहा कि समाज की उन्नति के लिए पारिवारिक मूल्यों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से बेटियों के विवाह समय पर करने एवं बहुओं को शिक्षित एवं सशक्त बनाने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विवाह में अनावश्यक विलंब से अनेक सामाजिक एवं संस्कारजनित समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
कार्यक्रम में उपाध्यक्ष मुरलीधर गोयल, युवा इकाई अध्यक्ष भरत स्वामी, पंचायत प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी मोहनलाल गुप्ता, नरेन्द्र कुमावत, विजयलक्ष्मी, पूनम नेत्रा, विनिता चतुर्वेदी, रेखा शर्मा, डॉ. ईश्वर राम बेड़ा, बाबूराम विश्नोई, सुशीला गहन, अमिता चौधरी, विमला घोटिया, मंजू चौधरी ,शंकर लाल, सुलेन्द्र कुमार बाबुलाल सहित विद्यालय स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
अंत में सभी उपस्थित विद्यार्थियों ने अच्छे संस्कार अपनाने एवं समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत प्रेरणादायक एवं सकारात्मक रहा।






