कुचामन सिटी. विशुद्ध सागर महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य, उपाध्याय मुनि विकसंत सागर महाराज के सानिध्य में नागौरी नशीयाजी, सब्जी मंडी में विश्व शांति की मंगल कामना के साथ भव्य कलशाभिषेक एवं शान्तिधारा का आयोजन किया गया।


इस पावन अवसर पर मुनि ने मंत्रोच्चार के साथ अर्घ्य बोलकर शान्तिधारा संपन्न कराई तथा समस्त विश्व में शांति, सद्भाव और कल्याण की भावना व्यक्त की।

किरण झांझरी के अनुसार शान्तिधारा का पुण्यार्जन करने का सौभाग्य विमला देवी, नरेश, सविता, आदिश एवं डॉ. आस्था झांझरी परिवार को प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में समेरमल बज, अजित पहाड़िया, विनोद, राजकुमार, दीपक, सोनू झांझरी, संजय सेठी, इन्द्रा, सुशीला बज, विमला काला, भंवरी देवी पाटोदी सहित अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया।

उपाध्याय मुनि के प्रवचन में सम्यक दर्शन के आठ अंगों का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि जीवन में “जीवो और जीने दो” की भावना अपनाकर अहिंसा का पालन करना चाहिए। साथ ही सभी जीवों के प्रति दया, करुणा और प्रेम भाव रखना ही सच्चे धर्म का मार्ग है।
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