कुचामन सिटी. हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी शीतलामाता मंदिर परिसर में 10 मार्च 2026 को रान्दा-पोया और भजन संध्या का आयोजन रात 9:15 बजे से किया जाएगा।


इसके बाद 11 मार्च (बुधवार) को बासेड़ा का मेला रात 1 बजे से शुरू होकर लगातार दो दिनों तक आयोजित किया जाएगा।

मेले में क्षेत्र की करीब 30 हजार महिलाएं शीतलामाता की पूजा-अर्चना करने पहुंचती हैं। जिसके चलते मंदिर परिसर में देर रात से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगना शुरू हो जाती है।
मेले को लेकर प्रशासन को विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए लिखित सूचना दी गई है। इसमें पुलिस प्रशासन से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने तथा भीड़ नियंत्रण के लिए आवश्यक प्रबंध करने का अनुरोध किया गया है। वहीं विद्युत विभाग से मेले के दौरान रात में बिजली कटौती नहीं करने की मांग की गई है, क्योंकि कई महिलाएं दूर-दराज क्षेत्रों से पैदल चलकर मंदिर पहुंचती हैं।

मेले को लेकर समिति ने की विशेष व्यवस्थाएं
इसके अलावा नगर परिषद से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सफाई व्यवस्था तथा आवारा पशुओं को हटाने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
जलदाय विभाग से भी सुबह की जलापूर्ति को लेकर विशेष ध्यान रखने का अनुरोध किया गया है, ताकि मंदिर आने वाली महिलाओं को घरों में पानी भरने में परेशानी न हो। साथ ही गेट नंबर 2 के सामने मेले की दुकानों की व्यवस्था संस्था द्वारा की गई है, जो पहले कुचामन पुस्तकालय के सामने लगती थीं।
सर्व हिन्दू समाज श्री शीतलामाता मंदिर सेवा समिति, कुचामन सिटी द्वारा मेले की व्यवस्था के लिए मेला प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। इसमें उपाध्यक्ष कमल कुमार जोशी और कोषाध्यक्ष कमल किशोर गोयर को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समिति के सभी संरक्षक पंजीकृत बैज लगाकर तथा सदस्य संस्था के आईडी कार्ड और निर्धारित वेशभूषा में व्यवस्था संभालेंगे। बिना बैज और आईडी के व्यवस्था में शामिल पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को पुलिस प्रशासन द्वारा हटाया जा सकेगा तथा कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
भीड़ को देखते हुए महिलाओं के दर्शन के लिए लाइन व्यवस्था भी बनाई गई है। वहीं गर्भवती, धात्री, वृद्ध, दिव्यांग और रोगग्रस्त महिलाओं से अपील की गई है कि वे 11 मार्च को सुबह 11 बजे के बाद दर्शन के लिए आएं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।






