कुचामन नगर परिषद में आज कार्यकाल पूर्ण होने पर विदाई समारोह आयोजित किया गया। जिसका कांग्रेस पार्षद दल ने बहिष्कार किया।


कुचामन नगर परिषद के बोर्ड पार्षदों का चुनाव 27 जनवरी 2021 को हुआ था। जिनका वैधानिक कार्यकाल 27 जनवरी 2026 को पूर्ण हो चुका है। पूरे कार्यकाल के दौरान कांग्रेस का ही बोर्ड रहा। कांग्रेस का कहना है कि इसके बावजूद बिना निर्वाचित और अवैध रूप से थोपे गए तथाकथित सभापति का विदाई समारोह आयोजित करना पूरी तरह अनुचित है। कांग्रेस के अनुसार विदाई केवल लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित प्रतिनिधियों की ही होनी चाहिए।


सत्ता की लालसा के चलते पूर्व सभापति को दोषी ठहराने का आरोप
कुचामन नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुतेन्द्र सारस्वत ने बताया कि 27 जनवरी 2021 से 27 जनवरी 2026 तक लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सभापति आसिफ खान एवं उपसभापति हेमराज चावला रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष और सत्ता की लालसा के चलते सभापति को एक सफाईकर्मी की पदोन्नति तथा उपसभापति को उनकी पैतृक पट्टाशुदा भूमि के पुनः पट्टे के मामले में अनैतिक रूप से दोषी ठहराया गया।
सत्ता का दुरुपयोग करते हुए कांग्रेस बोर्ड के अंतिम 132 दिनों में दोनों को अलोकतांत्रिक तरीके से हटाकर निलंबित कराया गया और भाजपा के एक पार्षद को मनोनीत सभापति बना दिया गया। यह 132 दिन का कार्यकाल कुचामन नगर परिषद के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में जाना जाएगा।

आरोप – कांग्रेस के विकास कार्यों पर भाजपा ने लगाई छाप
सुतेन्द्र सारस्वत ने आगे बताया कि कांग्रेस बोर्ड के कार्यकाल में नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों, धार्मिक स्थलों सहित करोड़ों रुपये के विकास कार्य पारित किए गए थे। अब उन्हीं कार्यों पर भाजपा की छाप लगाकर विभिन्न समाजों के लोगों को लोकार्पण, शिलान्यास एवं विदाई समारोह के नाम पर बुलाकर गुमराह किया जा रहा है। वहीं कई कांग्रेसी वार्डों के विकास कार्यों की निविदाएं तक आमंत्रित नहीं की गईं, जो अत्यंत खेदजनक है।
कृषि भूमि पर अवैध कब्जा करवाने का आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बोर्ड के अंतिम 132 दिनों में तथाकथित मनोनीत सभापति के कार्यकाल में विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था, पार्क देखरेख, कृषि भूमि को स्वमोटो करने, पट्टे जारी करने में अवैध वसूली तथा नगर परिषद क्षेत्र की कृषि भूमि पर अवैध कब्जा करवाकर पट्टे जारी करने जैसे रिकॉर्डतोड़ अनियमित और जनविरोधी कार्य किए गए। इन सभी मामलों की निष्पक्ष और गहन जांच कराए जाने की आवश्यकता है। इन्हीं कारणों से कांग्रेस पार्षद दल ने विदाई समारोह का बहिष्कार किया है।
बहिष्कार करने वालों में फजलुर्रहान कुरैशी, श्यामलाल बागड़ा, अंकित डालुका, सिंजारी देवी, शाहरुख, मोहम्मद फारूख, बुंदू अली, संपत देवी चावला, समदर राम, संजना, सुमन, संतोष देवी, जवानाराम, फूलचंद, ललिता वर्मा, अब्दुल फैसल, अयूब तेली, शाहीन कुरैशी, नजराना खानम एवं इकराम भाटी प्रमुख रहे।
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