कुचामन सिटी. ग्राम पंचायत इंडाली में के अधीन एमएसएमई प्रौद्योगिकी विकास केंद्र, नागौर (भारत सरकार) एवं के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय ‘इंपोर्ट-एक्सपोर्ट प्रबंधन विकास कार्यक्रम (MDP)’ का सफल समापन हुआ।


इसका उद्देश्य एफपीओ से जुड़े किसानों को कृषि उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निर्यात प्रक्रिया और प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी देना था।

कार्यक्रम के संयोजक एवं प्रभारी अरविंद शर्मा (एमएसएमई मंत्रालय, नागौर) ने मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक बैठे किसानों तक पहुंचाना प्राथमिकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता के डीडीएम मोहित चौधरी ने की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में एफपीओ स्तर पर ‘इंपोर्ट-एक्सपोर्ट प्रबंधन’ जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों के आत्मविश्वास और क्षमता को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे।

मुख्य अतिथि के रूप में के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अर्जुन सिंह जाट उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ाव किसानों के लिए उन्नति और समृद्धि के नए अवसर लेकर आएगा।
विशेषज्ञों ने दी व्यावहारिक जानकारी
मुख्य प्रशिक्षण विशेषज्ञ रईस अहमद ने किसानों को कृषि उपज के आयात-निर्यात की प्रक्रिया, आवश्यक डॉक्यूमेंटेशन, मार्केट रिसर्च और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण में व्यावहारिक पहलुओं पर विशेष जोर दिया गया, ताकि किसान भविष्य में स्वयं निर्यात प्रक्रिया को समझकर आगे बढ़ सकें।
60 किसानों को मिलेगा प्रमाण पत्र
पांच दिवसीय कार्यशाला में कुल 60 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को एमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। यह प्रमाण पत्र भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तथा स्वयं का निर्यात व्यवसाय शुरू करने में सहायक होगा।
किसानों की आय बढ़ाने की पहल
एफपीओ प्रबंधक श्रवण राम मावलिया ने बताया कि यह पहल किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का ठोस प्रयास है। इससे किसानों की आय में वृद्धि के नए रास्ते खुलेंगे।
कार्यक्रम के दौरान एफपीओ निदेशक लक्ष्मण राम, पोकर राम और देवा राम ने भी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर ऐसे आयोजन किसानों में नया आत्मविश्वास पैदा करते हैं और वे अब अपने उत्पादों को विदेश भेजने के लिए प्रेरित हुए हैं।
अंत में सभी प्रतिभागियों एवं एफपीओ टीम ने एमएसएमई मंत्रालय और भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
कुचामन डाइट में कार्यशाला का आयोजन, शिक्षा प्रणाली में बदलाव पर चर्चा






