नावां शहर: आमजन को शुद्ध एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से “शुद्ध आहार – मिलावट पर वार” अभियान के तहत जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत के निर्देशानुसार जिले में फूड लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।


इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा निकटवर्ती ग्राम मारोठ में फूड लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन कैंप का आयोजन किया गया।

खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदारों को व्यापार करने के लिए खाद्य रजिस्ट्रेशन/लाइसेंस अनिवार्य है। यदि खाद्य कारोबारकर्ताओं के पास यह लाइसेंस नहीं होता है, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 31 के तहत 25 हजार रुपए तक का जुर्माना लग सकता है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेंद्र चौधरी ने बताया कि अभियान के तहत शुक्रवार को मारोठ कस्बे में आयोजित कैंप में कुल 17 खाद्य कारोबारकर्ताओं के रजिस्ट्रेशन जारी किए गए।
हालांकि, कैंप के दौरान विभाग द्वारा दुकानदारों से फूड लाइसेंस रजिस्ट्रेशन शुल्क के रूप में 500 रुपए के अलावा “सुविधा व्यवस्था” के नाम पर 300 रुपए और लिए गए। जिससे कुल 800 रुपए वसूले गए।

जबकि सूत्रों के अनुसार यही फूड लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन ई-मित्र केंद्रों पर 600 से 700 रुपए में बनाए जा रहे हैं।
इस संबंध में फूड इंस्पेक्टर बाबूलाल चौधरी से जानकारी चाही गई तो उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा केवल 500 रुपए ही लिए जा रहे हैं। जबकि अतिरिक्त 300 रुपए उनके साथ आए ई-मित्र द्वारा दुकानदारों को सुविधा उपलब्ध करवाने के एवज में लिए जा रहे हैं। इस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी बाबूलाल एवं सहायक कर्मचारी राजूराम उपस्थित रहे।
इनका कहना है कि
“यदि कैंप के दौरान दुकानदारों से विभाग द्वारा 500 रुपए से अधिक राशि ली गई है, तो यह नियमों के विरुद्ध है। मामले की जांच करवाई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”






