Monday, March 30, 2026
Homeकुचामनसिटीकुचामन सिटी: बिना बहुमत सभापति ने किए प्रस्ताव पारित, कांग्रेस पार्षदों के...

कुचामन सिटी: बिना बहुमत सभापति ने किए प्रस्ताव पारित, कांग्रेस पार्षदों के गंभीर आरोप

- विज्ञापन -image description
IT DEALS HUB

कुचामन नगर परिषद की मंगलवार को आयोजित अंतिम बैठक को लेकर कांग्रेस पार्षद दल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि भाजपा के अल्पमत में होने तथा कांग्रेस पार्षद दल के बहुमत में होने के बावजूद बोर्ड बैठक के प्रस्तावों को बहुमत से पारित बताया गया, जो नियमों के विरुद्ध और गैरकानूनी है।

- विज्ञापन -image description
image description

कुचामन नगर परिषद कांग्रेस पार्षद दल के फजलुर्रहमान कुरैशी, संपत देवी चावला, सुभाष पावड़िया एवं जवानाराम ने संयुक्त रूप से बताया कि राजस्थान नगर पालिका कार्य संचालन नियम 2009 की धारा 51(1) व 51(3) के अंतर्गत मंडल बैठक आहूत करने के लिए एक-तिहाई सदस्यों तथा मंडल बैठक के एजेंडों के प्रस्ताव पारित कराने के लिए उपस्थित सदस्यों में से दो-तिहाई सदस्यों की आवश्यकता होती है।

- विज्ञापन -image description

जबकि बैठक में भाजपा से अधिक कांग्रेस के सदस्य उपस्थित थे। इसके बावजूद कई सदस्यों से उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर तक नहीं करवाए गए, क्योंकि यह पंजिका सभापति/आयुक्त अपने नियंत्रण में रखते हैं।

एजेंडा पढ़े बिना बैठक समाप्त करने का आरोप

उन्होंने कहा कि मंगलवार को आहूत अंतिम बैठक की कार्यसूची/एजेंडा में कुल 7 प्रमुख बिंदु शामिल थे। मनोनीत सभापति सुरेश सिखवाल द्वारा नगर पालिका कार्य संचालन नियमों की जानकारी के अभाव में कार्यसूची के प्रथम बिंदु पर चर्चा कराने के बजाय सीधे हाँ या ना में मतदान कराने का प्रयास किया गया।

- Advertisement -ishan

उपस्थित सदस्यों द्वारा विरोध किए जाने तथा मंडल के निर्णय से पहले ही शेष बिंदुओं को बिना पढ़े साजिशन तरीके से सभापति द्वारा बैठक समाप्त घोषित कर भाजपा के सभी सदस्यों के साथ सदन से बाहर चले जाना तथा बाद में सभापति/आयुक्त द्वारा मीडिया में प्रस्ताव पारित होने की जानकारी देना पूर्णतः गैरकानूनी एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विरुद्ध है। मनोनीत सभापति का यह कृत्य उनकी अज्ञानता को ही दर्शाता है।

बहुमत था तो बैठक क्यों छोड़ी?

फजलुर्रहमान कुरैशी, संपत देवी चावला, सुभाष पावड़िया एवं जवानाराम ने संयुक्त रूप से कहा कि यदि उनके पास वास्तव में बहुमत था तो फिर बैठक छोड़कर जाने की आवश्यकता क्यों पड़ी? बैठक में एक-एक कर सभी बिंदुओं पर चर्चा कर अपने बहुमत से प्रस्ताव पारित कराए जा सकते थे।

यदि भाजपा के पास बहुमत है और आमजन में अपनी साख बनाए रखना चाहती है तो पुनः नगर परिषद की बैठक आहूत कर विधिवत प्रस्ताव पारित कराए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्षद दल भी चाहता है कि कस्बे की यातायात व्यवस्था सुचारु हो तथा अवैध अतिक्रमणों पर रोक लगे, लेकिन किसी भी जनविरोधी प्रस्ताव का विरोध किया जाएगा।
कस्बे के किसी भी नागरिक के साथ बेवजह होने वाले अत्याचार के खिलाफ आंदोलन के माध्यम से सख्त विरोध किया जाएगा।

“अलोकतांत्रिक तरीके से पारित बताए जा रहे तथाकथित प्रस्तावों को निरस्त घोषित कर नए सिरे से मंडल बैठक आहूत कराने हेतु जिला कलक्टर एवं स्वायत्त शासन विभाग के उच्चाधिकारियों से आग्रह किया जाएगा।”

इस पूरे घटनाक्रम के विरोध में श्यामलाल बागड़ा, शाहरुख, बूंदू अली, मोहम्मद फारूख, समंदर, संजना, सुमन, संतोष देवी, अंकित कुमार, फूलचंद, ललिता वर्मा, अब्दुल फैसल, अयूब तेली, बसो बानो, साहिल कुरैशी, नजराना खानम, इकराम भाटी एवं नाजिया खान सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं व नागरिकों ने अपना समर्थन व्यक्त किया।

मामले से जुड़ीं खबरें –

कुचामन नगर परिषद बैठक पर चावला बोले – जनविरोधी प्रस्तावों से धार्मिक उन्मादी माहौल बनाने की साजिश

कुचामन सिटी: सभापति सुरेश सिखवाल को अपनी पहली बोर्ड बैठक में ही विपक्ष ने घेरा

- Advertisement -
image description
IT DEALS HUB
image description
RELATED ARTICLES
- Advertisment -image description

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!