कुचामन पुस्तकालय स्थापना के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में ज्ञान, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अनुपम समन्वय देखने को मिला।


समारोह के मुख्य अतिथि राज्य मंत्री राजस्व, उपनिवेशन एवं सैनिक कल्याण विभाग, राजस्थान सरकार विजय सिंह चौधरी रहे। अध्यक्षता नगर परिषद कुचामन सिटी के सभापति सुरेश सिखवाल ने की।

विशिष्ट अतिथियों में भामाशाह एवं शिक्षा विभूषण अलंकरण से सम्मानित ओमप्रकाश भोमराजका, भामाशाह महावीर प्रसाद मूंदड़ा, कुचामन पुस्तकालय के अध्यक्ष शिवकुमार अग्रवाल, मंत्री रामनिवास कुमावत एवं उपाध्यक्ष महेंद्र पारीक मंचासीन रहे। ट्रस्टी के रूप में पूर्व शिक्षा अधिकारी गुलाबचंद शर्मा एवं श्यामसुंदर मंत्री की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत बंशीलाल कंसोटिया, कालीचरण व्यास, सुनील कुमार माथुर, सुरेशचंद वर्मा, बनवारीलाल मोर, डॉ. प्रदीप चौधरी, अनुप्रकाश, मुरारी गौड़, सत्यनारायण मोर, कमल गौड़, रमेशचंद चावला, मो. शकील, प्रकाशचंद दाधीच, डॉ. दिलीप पारीक, डॉ. लक्ष्मण शर्मा, शब्बीक उस्मानी सहित कार्यकारिणी पदाधिकारियों ने किया।

स्वागत उद्बोधन पुस्तकालय अध्यक्ष शिवकुमार अग्रवाल ने प्रस्तुत किया। डॉ. दिलीप पारीक ने शताब्दी समारोह की ऐतिहासिक यात्रा एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। संगीत सदन की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने समारोह को भावपूर्ण आरंभ प्रदान किया।

समारोह में पुस्तकालय को नई दिशा देने वाली सुविधाओं का लोकार्पण किया गया। जिनमें ई-लाइब्रेरी, सोलर सिस्टम एवं स्टूडेंट कॉर्नर प्रमुख रहे।
पुस्तकालय की वेबसाइट का विमोचन किया गया। जिसका निर्माण सौरभ डालूका द्वारा किया गया। इसके साथ ही ‘सृजन सरिता’ ई-पत्रिका के प्रथम वर्ष के प्रथम अंक का विमोचन हुआ। जिसका संपादन सत्यप्रकाश शर्मा सच ने किया। प्रोफेसर एम. एल. मांडोत के प्रधान संपादकत्व में प्रकाशित स्मारिका का विमोचन किया गया।
शताब्दी समारोह के अवसर पर शताब्दी यात्रा डॉक्यूमेंट्री का भी विमोचन किया गया। जिसे शब्बीक अहमद उस्मानी, प्रकाश दाधीच एवं कमल जांगिड़ ने तैयार किया।
भामाशाहों का सम्मान – समारोह में समाजसेवा एवं शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु ओमप्रकाश भोमराजका, डॉ. प्रदीप चौधरी, राजेश चौधरी (स्काई प्रबंधक वर्ल्ड), महावीर प्रसाद मूंदड़ा सहित अनेक भामाशाहों का सम्मान किया गया।
गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति
कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिनमें गोविंदराम चौधरी, महावीर प्रसाद गोयल, डॉ. वी.के. गुप्ता मुरली, स्नेही राधेश्याम झंवर, संपत स्वामी, दिनेश सिंह, सोहनलाल सुंडा, दामोदर झंवर, छिगनलाल, अनिल शर्मा, डॉ. जगदीश महला, नरेश जैन, निर्मला भोमराजका, देवीलाल दादरवाल, पवन भोमराजका, आनंद व्यास, डॉ. मोहम्मद सलीम, श्यामसुंदर सैनी, अनिल माथुर, मोहनलाल सोनी, पूरण रणवा, विनोद आचार्य सहित अनेक प्रबुद्धजन शामिल रहे।
कार्यक्रम के अंत में पुस्तकालय मंत्री रामनिवास कुमावत ने सभी अतिथियों, भामाशाहों एवं सहभागियों का आभार व्यक्त किया।






