कुचामन सिटी स्थित नगर परिषद सभागार में राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय प्याज़ विषयक वैज्ञानिक सेमिनार का आज सफल समापन हुआ।


सेमिनार के दूसरे दिन मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के प्याज़ एवं लहसुन अनुसंधान निदेशालय से वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजीव बी. काले उपस्थित रहे।

डॉ. काले ने किसानों को प्याज़ की उन्नत किस्मों, बुवाई से लेकर कटाई तक की वैज्ञानिक तकनीकों, रोग एवं कीट प्रबंधन, पोषक तत्व प्रबंधन, गुणवत्ता सुधार, भंडारण तकनीक तथा विपणन रणनीतियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उन्नत किस्मों का चयन, संतुलित उर्वरक उपयोग एवं समय पर रोग नियंत्रण अपनाने से प्याज़ की पैदावार के साथ-साथ गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है।
सेमिनार के दौरान डॉ. काले ने किसानों से सीधे संवाद करते हुए एक-एक कर प्याज़ से जुड़ी समस्याएँ जानीं और उनका त्वरित वैज्ञानिक समाधान प्रस्तुत किया। उन्होंने तना सड़न, बैंगनी धब्बा रोग, थ्रिप्स प्रकोप तथा भंडारण के दौरान होने वाली सड़न जैसी प्रमुख समस्याओं पर विशेष रूप से प्रकाश डाला और उनके व्यावहारिक उपचार भी बताए। किसानों ने वैज्ञानिक से प्रत्यक्ष संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

इस अवसर पर उद्यानिकी विभाग से दिलीप सिंह ने आधुनिक बागवानी तकनीकों, सरकारी योजनाओं एवं अनुदान संबंधी जानकारी साझा की, जिससे किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने में सहायता मिली।
सेमिनार के दौरान खेती से संबंधित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। जिसमें किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में विजेता किसानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक हरिओम सिंह राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार को कुचामन स्टेडियम में जिला स्तरीय प्याज़ किसान मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें जिले के सभी किसानों की सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचने का आह्वान किया।
दो दिवसीय इस सेमिनार में 100 से अधिक किसानों ने भाग लिया और वैज्ञानिक मार्गदर्शन से लाभान्वित हुए। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित किसानों ने इस प्रकार के सेमिनार नियमित रूप से आयोजित किए जाने की मांग की।
इस अवसर पर कृषि विभाग के बजरंग लाल मीणा, राजेंद्र ढाका, रमेश बेनिवाल, महेश भगत एवं वैभव दाधीच सहित अन्य अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।






