Wednesday, April 1, 2026
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कुचामन सिटी: जवाहर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कौशल मेले का आयोजन, छात्रों ने दिखाया हुनर

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कुचामन सिटी. जवाहर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के तत्वावधान में आज विद्यालय परिसर में कौशल मेला का भव्य आयोजन किया गया। मेले का उद्देश्य विद्यार्थियों में व्यावहारिक ज्ञान, नवाचार एवं कौशल-आधारित अधिगम को सुदृढ़ करना रहा।

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मेला प्रभारी भौतिक विज्ञान व्याख्याता राजेश चौधरी के निर्देशन में विद्यार्थियों ने विज्ञान के आकर्षक एवं उपयोगी मॉडल प्रस्तुत किए। छात्र मुराद ने सौर ऊर्जा पैनल, छात्र इमरान ने पवन चक्की तथा छात्र राजवीर ने फैराडे के विद्युत-चुंबकीय प्रेरण नियम पर आधारित मॉडल बनाकर अपनी वैज्ञानिक दक्षता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

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वोकेशनल व ब्यूटी पार्लर आर्ट गैलरी बनी आकर्षण का केंद्र

कौशल मेले के अंतर्गत प्रभारी मनोरमा व्यास के मार्गदर्शन में ब्यूटी पार्लर एवं वोकेशनल वर्ग की छात्राओं ने सृजनात्मक प्रस्तुतियाँ दीं।

छात्रा कोमल ने मेहंदी चार्ट, सोनाक्षी ने बालों को मज़बूत करने हेतु दादी-नानी के घरेलू नुस्खों (आंवला, रीठा, काकही आदि) पर आधारित चार्ट एवं मॉडल प्रस्तुत किए। वहीं जैनब ने नेल आर्ट तथा हेयर स्टाइलिंग, जबकि छात्र राजीव नायक ने आकर्षक मॉडल बनाकर प्रदर्शनी सजाई। ब्यूटी पार्लर एवं वोकेशनल की आर्ट गैलरी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

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मेले का निरीक्षण प्रधानाचार्य मंजू चौधरी, उप-प्रधानाचार्य डॉ. भंवरलाल गुगड़, पूर्व प्रधानाचार्य छगनलाल शर्मा, भागीरथराम कुमावत, विमल पारीक, अयुब शेख, मोनिका चौधरी, शब्बीक अहमद उस्मानी, सरोज शेखावत, वल्लभ तिवारी, मधु तिवारी, संतोष देथा, हंसा चौहान सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने किया। अतिथियों ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

मेला प्रभारी राजेश चौधरी ने बताया कि विज्ञान के मॉडल स्वयं बनाकर प्रस्तुत करने से विद्यार्थी अत्यंत उत्साहित दिखाई दिए। प्रधानाचार्य मंजू चौधरी ने कहा कि पीएम श्री विद्यालय होने के नाते विद्यालय में नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप गतिविधि-आधारित शिक्षण को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे करके सीखने की अवधारणा साकार हो रही है।

डॉ. भंवरलाल गुगड़ ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व में शिक्षण पेडागॉजी तक सीमित था। फिर एंड्रागॉजी का विकास हुआ और आज हीयूटागॉजी (स्व-निर्देशित अधिगम) को नई शिक्षा नीति में प्रमुख स्थान मिला है। इसमें शिक्षक मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है और विद्यार्थी स्वयं करके सीखता है जिससे अर्जित ज्ञान स्थायी, व्यवहारिक एवं रोजगारोन्मुख बनता है।

इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा तथा बड़ी संख्या में अभिभावक एवं गणमान्य नागरिकों ने कौशल मेले का अवलोकन किया। कौशल मेले ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और कौशल विकास को नई दिशा प्रदान की।

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