कुचामन सिटी. राज्य सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण, नवाचार-आधारित एवं कौशलपरक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत पीएमश्री जवाहर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कुचामन सिटी में आयोजित STEM (Science, Technology, Engineering & Mathematics) आधारित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का बुधवार को सफल समापन हुआ।


यह प्रशिक्षण कुचामन ब्लॉक के विज्ञान एवं गणित विषय अध्यापकों हेतु आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कुचामन दिनेश सिंह चौधरी ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि STEM शिक्षा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की मूल भावना के अनुरूप है। जो विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच, समस्या-समाधान क्षमता एवं नवाचार की भावना विकसित करने में सहायक है।
उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे कक्षा शिक्षण में गतिविधि-आधारित शिक्षण, प्रयोग, मॉडल निर्माण, परियोजना कार्य एवं वास्तविक जीवन से जुड़े उदाहरणों का अधिकाधिक उपयोग करें ताकि विद्यार्थियों की सीखने में रुचि एवं सहभागिता बढ़े।

इस अवसर पर गजानंद परेवा, सहायक निदेशक, स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर ने भी उपस्थित शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में STEM शिक्षण पद्धति विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर व्यावहारिक, खोजपरक एवं नवाचारी सोच की ओर अग्रसर करती है।
उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान एवं कौशल का विद्यालय स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें तथा विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने, प्रयोग करने एवं स्वयं समाधान खोजने के अवसर प्रदान करें।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की पेशेवर दक्षता को सुदृढ़ करते हैं और विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं।

शिक्षकों व विद्यार्थियों दोनों के लिए उपयोगी प्रशिक्षण
कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्य मंजू चौधरी ने सभी अतिथियों, संदर्भ व्यक्तियों एवं प्रशिक्षणार्थियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर संदर्भ व्यक्ति (RP) आनंद डॉडवाडिया द्वारा STEM शिक्षण की अवधारणा, उद्देश्य, आवश्यकता एवं कक्षा स्तर पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को हैंड्स-ऑन गतिविधियों, छोटे-छोटे प्रयोगों, परियोजना कार्य, मॉडल निर्माण एवं डिजिटल टूल्स के माध्यम से STEM शिक्षण को व्यवहार में लागू करने का अभ्यास कराया गया।
कक्षा 6 से 10 के शिक्षकों को किया गया सशक्त
प्रशिक्षण में संदर्भ व्यक्ति आनंद डॉडवाडिया (ब्लॉक कुचामन) ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कक्षा 6 से 10 तक अध्यापन कराने वाले विज्ञान एवं गणित शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, प्रयोगात्मक विधियों एवं नवाचार-आधारित दृष्टिकोण से सशक्त बनाना है। जिससे विषयवस्तु को विद्यार्थियों के लिए अधिक रुचिकर, सरल एवं जीवनोपयोगी बनाया जा सके।
प्रशिक्षण में मुख्य संदर्भ व्यक्तियों की भूमिका में प्रमोद कुमार, नरेश कुमार शर्मा, दीनदयाल स्वामी, सरवर खान, हनुमाना राम, नितेश बोहरा तथा व्यवस्थापक व्याख्याता राजेंद्र चौधरी रहे।
यह तीन दिवसीय STEM प्रशिक्षण शिविर शिक्षकों को नवाचार-आधारित शिक्षण की दिशा में प्रेरित करते हुए आगामी समय में विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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