कुचामन पुस्तकालय के तत्वावधान में राष्ट्रप्रेम पर आधारित वंदे मातरम् कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्रपट पर तिलक, माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

इसके बाद उपस्थित सभी जनों ने समवेत स्वर में वंदे मातरम् का गायन कर देशभक्ति की गूंज से वातावरण को अनुप्राणित किया।

पुस्तकालय अध्यक्ष शिवकुमार अग्रवाल ने कहा कि वंदे मातरम् केवल राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति समर्पण और एकता का प्रतीक है। साहित्य उपमंत्री सुरेश वर्मा ने राष्ट्रगीत की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डाला।
शिक्षाविद् एवं ट्रस्टी गुलाबचंद शर्मा ने बताया कि यह गीत बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा लगभग 150 वर्ष पूर्व रचित एक अमर प्रेरणास्रोत है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जन-जन में देशभक्ति का संचार किया।

कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष कालीचरण व्यास, जागरण समिति अध्यक्ष मोहनलाल सोनी, सत्यनारायण मोर, दामोदरलाल झंवर, संपतलाल स्वामी, श्याम सुंदर प्रजापत सहित स्टूडेंट कॉर्नर के सदस्य, विद्यार्थी एवं नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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