कुचामन सिटी में इस बार का रावण दहन देखने हजारों की भीड़ स्टेडियम को घेरकर बैठी थी। लोगों का उत्साह देखने लायक था। सत्य की असत्य पर जीत देखने के लिए गांव-गांव से लोग आए।


जैसे ही आग की लपटों ने रावण को घेरा, राम नाम के जयकारों की गूंज पूरे शहर में उठी।

आज शाम 7 बजे नगर परिषद सभापति आसिफ खान को हाथ में धनुष-बाण थमाया गया। उन्होंने अग्नि तीर से रावण के पुतले की नाभि में निशाना लगाया। आग की लपटों ने रावण को घेर लिया और जोरदार आतिशबाजी के साथ रावण, कुंभकरण और मेघनाथ का दहन हुआ।
इस दौरान नगर परिषद आयुक्त शिकेश कांकरिया, तहसीलदार कैलाश चौधरी, पूर्व सभापति सुरेश सिखवाल, खेताराम सिसोदिया, उप सभापति हेमराज चावला सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

रावण दहन से पहले स्टेडियम में भव्य आतिशबाजी और राम-रावण संवाद का जीवंत मंचन हुआ, जिसमें दर्शकों ने तालियों और जयकारों से उत्साह बढ़ाया।


भगवान राम की भव्य यात्रा
दोपहर 3 बजे भगवान राम की यात्रा पुरानी धान मंडी रघुनाथ मंदिर से निकल चुकी थी। यात्रा में टैक्टर पर झांकियां थीं, जिनमें जीवंत किरदारों के रूप में भगवान राम, लक्ष्मण, हनुमान, जामवंत, सुग्रीव और रावण दिखाए गए। यात्रा में आतिशबाजी, डीजे पर भक्ति गीत और जय श्री राम के जयकारों के साथ यह यात्रा नए बस स्टैंड स्थित कुचामन स्टेडियम पहुंची, जहां मंच सजाया गया था।

सुबह से तैयारियां –
इस उत्सव की तैयारी सुबह से ही शुरू हो गई थी। लोग मशीनों की मदद से रावण, उसके भाई कुंभकरण और बेटे मेघनाथ के पुतले को खड़ा करने में लगे थे। पूरे ध्यान से यह काम किया गया। अशोक वाटिका भी बनाई गई थी, जहां मां सीता को रखा गया था।

शहरवासियों में सुबह से ही उत्साह था। आस-पास के गांवों से मंडावरा, पलाड़ा, चितावा, भांवता सहित कई गांवों के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। बूढ़े, बच्चे और युवा सभी रावण दहन के लिए उत्साही थे।







