कुचामन सिटी. गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति कुचामन शाखा की द्विमासिक बैठक न्यू कॉलोनी स्थित समिति कार्यालय रामेश्वरम में समिति के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्यामसुंदर मंत्री की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।


बैठक का शुभारंभ शाखा अध्यक्ष सत्यप्रकाश शर्मा द्वारा स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने समिति के साधक नियमों पर विस्तृत चर्चा करते हुए संगठन की भावी योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। बैठक में आगामी वार्षिक कार्यक्रमों के रूप में मातृ-पितृ चरण वंदन, बेटी जन्मोत्सव, भगवद्गीता ज्ञान यज्ञ में व्यासपीठ कथावाचक महाराज अभिनंदन, गर्भस्थ शिशु संरक्षण विषयक संगोष्ठी, मातृशक्ति सम्मेलन, पंडित जन संगोष्ठी, गर्भवती माताओं का प्रबोधन, शैक्षिक संस्थानों में जनजागृति कार्यक्रम, संस्कारोत्सव एवं संभागीय जनजागृति रैली के आयोजन का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

बैठक के दौरान उपस्थित सभी साधकों ने एक प्रेरणादायी संकल्प लिया कि “हम कोल्ड ड्रिंक्स या किसी भी कृत्रिम पेय पदार्थ का सेवन नहीं करेंगे तथा समाज में स्वास्थ्यवर्धक पेय संस्कृति का प्रसार करेंगे।”
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्यामसुंदर मंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि “गर्भस्थ शिशु संरक्षण का भाव केवल जन्मपूर्व सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में शुद्धता, संयम और संस्कारों की स्थापना का प्रतीक है।” उन्होंने साधकों से आग्रह किया कि वे इस पवित्र उद्देश्य के प्रचार-प्रसार हेतु जनजागृति अभियान चलाएँ, जिससे अधिक से अधिक परिवार इस संस्कारमय विचारधारा से जुड़ सकें।

राजस्थान प्रांत मंत्री श्यामसुंदर सैनी ने कहा कि गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति ब्रह्मलीन संत रामसुखदास महाराज की प्रेरणा से संचालित एक ऐसी संस्था है जो “मानव मात्र के सर्वांगीण कल्याण और संस्कारित समाज निर्माण” के लिए निरंतर कार्यरत है।
बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्यामसुंदर मंत्री, प्रांतीय मंत्री श्यामसुंदर सैनी, शाखा अध्यक्ष सत्यप्रकाश शर्मा, सचिव परमानंद अग्रवाल, मुरलीधर गोयल, सत्यनारायण मोर, प्रमोद कुमार शर्मा, प्यारेलाल कुमावत, गिरधारी दीक्षित, जितेन्द्र सिंह राजपुरोहित, अखिलेश राय, भरत स्वामी, ऋषभ सोनी सहित अनेक साधक उपस्थित रहे।
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