कुचामन सिटी. संगीता हत्याकांड को लेकर चितावा थाने के सामने चल रहे धरने में सोमवार को पूर्व उपमुख्य सचेतक और नावां विधायक महेंद्र चौधरी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सरकार और प्रशासन पर जमकर हमला बोला।


महेंद्र चौधरी ने कहा कि सरकार हो या प्रशासन, कोई गलतफहमी मत पालना। संख्या कितनी है, यह ध्यान नहीं रखना। मारवाड़ का व्यक्ति जब पलटता है तब सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का कुछ पता नहीं चलता।

उन्होंने याद दिलाया कि पहले जब धरना हुआ था तब कांग्रेस से परबतसर विधायक रामनिवास गावड़िया सहित कई नेता आए और प्रशासन ने आश्वासन दिया कि 7 दिन में मांगे मान ली जाएंगी। लेकिन अब 10 दिन से ज्यादा बीत चुके हैं, न तो गिरफ्तारी हुई और न ही आर्थिक सहायता मिली।
सरकार जेब से देती है क्या पैसा, हमारा ही है
महेंद्र चौधरी ने कहा कि सरकार अपनी जेब से पैसा नहीं देती, यह जनता का पैसा है। सरकार को 50 लाख देने में शर्म आ रही है, जबकि क्रैश में मरने वालों को 1–1 करोड़ रुपये दिए गए। सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन व्यक्ति ही इन्हें बनाते और उखाड़ते हैं।

छोटे अफसर आते हैं, तालियां बजाकर लौट जाते हैं
चितावा पुलिस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह वही थाना है, जहां एक व्यक्ति के कपड़े उतरवाए गए थे। यहां किसी बड़े अधिकारी को आकर बात करनी चाहिए। छोटे अधिकारी पहले भी आए वार्ता की, साइन किए लेकिन हुआ क्या? तालियां पीटकर चले गए। ये अधिकारी तो पहले ही लकीरें खींच चुके हैं, फैसला बता चुके हैं। अब परिजनों और संघर्ष समिति से किसी बड़े अधिकारी की बैठक होनी चाहिए।
महेंद्र चौधरी ने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस का प्रत्येक विधायक विधानसभा में बहन संगीता के मामले को उठाएगा।
चार थानों में केस दर्ज, चारों जगह धरने – निकम्मी पुलिस
महेंद्र चौधरी ने कहा कि नावां विधानसभा क्षेत्र में चितावा थाने में संगीता को न्याय दिलाने के लिए धरना जारी है। कुचामन में कुमावत समाज का धरना हो रहा है। नावां में भी आंदोलन की तैयारियां चल रही हैं, जहां मेघवाल समाज की पालिकाध्यक्ष को ध्वजारोहण नहीं करने दिया गया।
मारोठ में भी धरने की तैयारी चल रही है। चार अलग-अलग थानों में प्रकरण दर्ज हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस प्रशासन कितना निकम्मा है और यह सरकार कितनी निकम्मी है।
बता दें कि रविवार को संघर्ष समिति ने आह्वान किया था कि अधिक से अधिक लोग सोमवार को चितावा थाने के बाहर प्रदर्शन में पहुंचे। आह्वान के बाद आज सैकड़ों लोग वहां जुटे और थाने के बाहर धरना जारी है।
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