कुचामन सिटी. बिजली चोरी से हुई छीजत (लॉस) में नागौर और डीडवाना-कुचामन जिले क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर हैं।


नागौर में यह 22.15 प्रतिशत है, वहीं डीडवाना-कुचामन में 19.51 प्रतिशत। इसके बाद बांसवाड़ा 10.67, डुंगरपुर 9.69 और सीकर 9.13 प्रतिशत पर हैं। ये टॉप-5 जिले हैं, जिनमें डीडवाना-कुचामन जिला दूसरे नंबर पर है।

विभाग नए तरीके से पकड़ेगा बिजली चोरों को
ऐसे में अजमेर डिस्कॉम अब ड्रोन की मदद से बिजली चोरी पकड़ने की तैयारी कर रहा है। साथ ही, उन पर भी कार्रवाई होगी जहां अवैध ट्रांसफॉर्मर लगे हुए हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि इस साल अप्रैल से अगस्त तक बिजली छीजत औसतन 9.98 प्रतिशत दर्ज की गई है।
बता दें कि बिजली चोरी करने का एक तरीका 11 केवी लाइन से तार लेकर सीधे ट्रांसफॉर्मर में जोड़ना है। इसमें सबसे ज्यादा मामले नागौर और उसके आस-पास के क्षेत्रों से सामने आए हैं।
अब तक जहां बिजली चोरी होती थी, वहां मकान को चिन्हित किया जाता और कैमरे से फोटो ली जाती थी। हालांकि विभाग का कहना है कि जरूरत पड़ने पर उस इलाके में ड्रोन उड़ाकर घरों को चिन्हित किया जाएगा और इसके बाद टीम मौके पर जाकर कार्रवाई करेगी।

आंकड़ों के अनुसार – पिछले 5 महीनों में बिजली चोरी के मामलों पर 30 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। यह जुर्माना 7 हजार से ज्यादा स्थानों पर पकड़े गए बिजली चोरी के मामलों से वसूला गया।






