कुचामन सिटी. आरयूआईडीपी की सामुदायिक जागरुकता एवं जन सहभागिता इकाई (कैप) के तहत विद्यार्थी जागरूकता कार्यक्रम में स्वामी श्रीनिवास आचार्य सीनियर सेकंडरी विद्यालय के छात्र-छात्राओं से संवाद कर उन्हें सीवरेज परियोजना कार्यों के संबंध में जानकारी प्रदान की और इसके लाभों के साथ-साथ रख-रखाव के विषय में चर्चा की।


कैप जयपुर के डिप्टी टीम लीडर अनिल सिंह ने इसके उपयोग और रख-रखाव के विषय में विस्तार से बताया।

उन्होंने समझाया कि प्लास्टिक की बोतलें, कपड़े या अन्य बड़े ठोस पदार्थ, धातु की वस्तुएं, कांच या अन्य कठोर सामान, किचन का मलबा जैसे खाद्य अपशिष्ट और शैम्पू के पाउच आदि सीवरेज में नहीं डालने चाहिए, ताकि आमजन इसका सही मायने में लाभ उठा सकें।
सीवरेज प्रणाली गंदे पानी के कारण होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए लाभदायक है। साथ ही बताया गया कि इसकी सफलता तभी सुनिश्चित होगी जब हम सभी मिलकर इसके रख-रखाव में सावधानी बरतें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी प्रकार से कचरा सीवर लाइन में न जाए।

कैप जयपुर के कम्युनिटी मोबिलाइजेशन एक्सपर्ट सौरभ पांडे ने उपस्थित विद्यार्थी समूह को डीडवाना शहर में आरयूआईडीपी द्वारा संपादित किए जा रहे सीवरेज परियोजना कार्यों के संबंध में जानकारी दी। विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहन लाल कच्चावा ने आभार व्यक्त किया।
साथ ही सीवर शोधन संयंत्र की तकनीकी जानकारी दी गई और बताया गया कि घरेलू सीवर कनेक्शन से गंदगी में कमी आएगी तथा स्वास्थ्य स्तर में सुधार होगा। उन्होंने विकास कार्य में छात्र-छात्राओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। सीवर लाइन को कचरे से सुरक्षित रखने के लिए निकासी पाइपों पर जाली लगानी चाहिए।
इसके अलावा बताया गया कि सीवर के दूषित जल-मल का सुरक्षित निस्तारण एसटीपी द्वारा किया जाता है और उपचारित जल का उपयोग कृषि और बागवानी सिंचाई में किया जा सकता है।
विद्यार्थी जागरूकता कार्यक्रम में भरत कुमार, सुनील जांगिड़, अर्जुन स्वामी, चेतन शर्मा, विकास कुमार, आशीष शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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