कुचामन सिटी. जन-जन की आस्था का शक्ति केंद्र मां शाकंभरी मंदिर में शारदीय नवरात्रा महोत्सव के अंतर्गत सोमवार 22 तारीख को अभिजीत मुहूर्त में मध्याह्न 12:15 बजे घट स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र महोत्सव का आगाज होगा।


घट स्थापना के पश्चात माता की दिव्य ज्योत प्रज्वलित की जाएगी और उसके बाद में महा आरती का आयोजन होगा। महा आरती के पश्चात नौ दिवस तक प्रतिदिन मां भगवती के चरणों में विद्वान जनों द्वारा सस्वर दुर्गा सप्तशती के अध्यायों का पठन किया जाएगा।


प्रतिदिन सवेरे ज्योत 8:15 बजे प्रज्वलित की जाएगी तथा संध्या आरती का समय 7:15 बजे रखा गया है।
सभी को विदित है कि आदिशक्ति स्वरूपा मां शाकंभरी का यह प्राचीन मंदिर वर्षों से शाकंभरी सेवा मंडल ट्रस्ट द्वारा संचालित किया जा रहा है। साल में दो नवरात्र में चैत्र नवरात्र और आश्विन नवरात्र जिनको शारदीय नवरात्र कहा जाता है। बड़े धूमधाम से मां शाकंभरी के मंदिर में भक्त जनों का तांता लगा रहता है।

कुचामन शहर नहीं अपितु ग्रामीण अंचल से भी नर और नारी श्रद्धालुओं के रूप में मां भगवती के चरणों में शीश नवाकर अपनी मनोकामना मांगते हैं। मनोकामना पूर्ण होने पर मैया के दरबार में आकर स्वामणी और प्रसादी का आयोजन भी करते हैं।
इस मंदिर में नवरात्र महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन भक्त जनों और श्रद्धालुओं के नवरात्रि व्रत का विशेष ध्यान रखा जाता है तथा मां भगवती के चरणों में शुद्ध सात्विक व फलहारी प्रसाद अर्पित करके भक्तजनों को वितरण किया जाता है।

ट्रस्ट के सचिव सुतेद्र सारस्वत ने बताया कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है कि किसी भी श्रद्धालुओं का व्रत भंग ना हो। आयोजन समिति लगातार कई दिनों से इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए लगी हुई है। नवरात्रि में तो प्रतिदिन मैया का जो श्रंगार किया जाता है, वह अत्यंत ही मनमोहक होता है।
इस नवरात्रि महोत्सव के पाठ-पूजन एवं पांडित्य कार्यक्रम पंडित गोपाल कृष्ण शास्त्री के सानिध्य में किए जा रहे हैं। मंदिर में भव्य रंग-बिरंगे बिजली के बल्बों द्वारा सजावट की जा रही है तथा आने वाले भक्तों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखने के लिए सारी व्यवस्था की जा रही है।






