कुचामन सिटी. नगर परिषद की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। शहर की कई वार्डों में दिन के समय भी रोड लाइटें जलती रहती हैं, जिससे बिजली की भारी बर्बादी हो रही है।


एक ओर नगर परिषद बजट की कमी का रोना रो रही है, वहीं दूसरी ओर दिन-रात रोड लाइटें जलाकर सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। कई वार्डों में रोड लाइटें लगातार बंद रहने से अंधेरा पसरा रहता है, जबकि कुछ जगहों पर लाइटें दिन-रात बिना रोक-टोक जल रही हैं।

कुचामन सिटी में मेगा हाईवे हो या शहर के सार्वजनिक स्थान, ऐसे कई इलाके हैं जहाँ रोड लाइटें महीनों से खराब हालत में पड़ी हैं। वार्ड स्तर पर भी यही स्थिति है—कई गलियों में अंधेरा छाया रहता है, जिससे राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ती है और कई बार हादसे भी हो जाते हैं।
पार्षद लगातार अपने-अपने वार्डों की शिकायत नगर परिषद तक पहुँचा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जा रही। आरोप है कि नगर परिषद ने ठेका देकर जिम्मेदारी से आंखें मूंद ली हैं।

स्थिति यह है कि इसका सीधा भार आम जनता के सिर पर पड़ रहा है। बिजली विभाग पहले से ही नगर परिषद से लाखों रुपए बकाया वसूलने की मांग कर रहा है। इतना ही नहीं, मार्च 2025 में बिजली विभाग ने नगर परिषद को नोटिस जारी कर 2.79 करोड़ रुपए जमा कराने के लिए भी कहा था।
ख़बर – कुचामन न्यूज: नगर परिषद की लापरवाही से अंधेरे में रहेंगे कुचामनवासी






