नावां शहर के बीहड़ क्षेत्र में एक निजी कम्पनी द्वारा सोलर प्लांट लगाने के नाम पर बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई और स्थानीय कृषकों की कृषि भूमि तथा जालेश्वर महादेव मंदिर के मार्ग को अवरुद्ध करने की घटनाओं को लेकर क्षेत्रवासियों ने चिंता व्यक्त की है।




क्षेत्रवासी, समाजसेवी, श्रद्धालु और पर्यावरण प्रेमियों ने नावां उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन देते हुए कहा कि बीहड़ क्षेत्र में पिछले कुछ समय में लाखों पेड़ काटे जा चुके हैं, जिनमें सैकड़ों वर्ष पुराने वृक्ष शामिल हैं। इन वृक्षों के कटने से ना केवल पर्यावरणीय असंतुलन पैदा हुआ है, बल्कि हजारों पशु-पक्षियों का आश्रय स्थल भी प्रभावित हुआ है।
ज्ञापन में बताया गया कि यह कार्य निजी कम्पनी द्वारा सोलर प्लांट स्थापित करने की आड़ में किया जा रहा है। इससे जल संकट, तापमान वृद्धि और जैव विविधता के नुकसान की आशंका है। साथ ही क्षेत्र के जालेश्वर महादेव मंदिर तक जाने वाला प्रमुख मार्ग जो हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक रहा है, को अवरुद्ध करने की कोशिश की जा रही है।

क्षेत्रवासियों ने यह भी कहा कि खसरा संख्या 1174 की वन भूमि और खसरा संख्या 1890/1174 का कटाणी मार्ग जो राजस्थान सरकार की खातेदारी में दर्ज है, को निजी कम्पनी द्वारा अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि इसमें अधिकारियों की मिलीभगत शामिल है और एनजीटी के आदेशों की खुलेआम अवहेलना की गई है।
बीहड़ क्षेत्र के आसपास रहने वाले किसानों ने भी कहा कि मार्ग बंद होने से उनके खेतों तक पहुंच मुश्किल हो गई है, जिससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है। मंदिर मार्ग बंद होने से बुजुर्ग श्रद्धालुओं, महिलाओं और बच्चों के लिए कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही हैं, और स्थानीय व्यापार व धार्मिक आयोजन प्रभावित हो रहे हैं।
ज्ञापन में क्षेत्रवासियों की मांगें –
- बीहड़ क्षेत्र में जितने वृक्ष काटे गए हैं, उनके 10 गुना पेड़ तुरंत लगाए जाएँ।
- गलत तरीके से पेड़ काटने में शामिल निजी कम्पनी और उसके अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
- सरकार की ओर से जन-सुनवाई आयोजित कर जनता की आवाज़ को प्राथमिकता दी जाए।
- यदि सोलर प्रोजेक्ट आवश्यक है, तो इसे ऐसे क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाए, जहां पर्यावरण, गौ-चर, आस्था और जन-जीवन पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि प्रशासन द्वारा सोमवार तक उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्रवासियों को लोकतांत्रिक तरीकों से आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
क्षेत्रवासियों ने उपखण्ड अधिकारी से अनुरोध किया है कि यह मामला डीडवाना कुचामन जिला कलक्टर व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तक संपूर्ण वस्तुस्थिति के साथ शीघ्र पहुँचाया जाए और तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
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