Friday, April 17, 2026
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कुचामन सभापति निलंबन प्रकरण- भाजपा बोली जनता के हित में निर्णय, कांग्रेस बोली लोकतंत्र की हत्या

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कुचामनसिटी।  कुचामन में सभापति और उपसभापति के निलंबन प्रकरण में भाजपा ने इसे जनहित में बताया वही कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया है। 

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भाजपा के मंडल अध्यक्ष बाबूलाल कुमावत ने बताया कि राजस्थान की भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा की सरकार और नावां विधानसभा के विधायक राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करने वाले है। पिछली कांग्रेस की सरकार ने जनता की जनभावनाओं के विपरीत जाकर हाइब्रिड का नियम लेकर आई और संपूर्ण चुनावी संवैधानिक प्रक्रिया को हाईजैक कर लिया। जिससे चुने हुए जनप्रतिनिधियों के अधिकार भी समाप्त कर दिए गए। इसी क्रम में कुचामन नगरपरिषद में हाइब्रिड सभापति धनबल के सहारे बैठा दिया और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधियों के साथ अन्याय किया।

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आज कांग्रेस के युवराज जिस प्रकार वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं उसी कांग्रेस की पिछली सरकार ने हाइब्रिड पद्धति लाकर जनता के वोटों की न सिर्फ चोरी की बल्कि वोटों पर डाका डाल दिया था और संवैधानिक प्रक्रिया को हाईजैक कर लिया था।

कुचामन नगरपरिषद पिछले पांच साल में भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई थी। जमीनों का खुलेआम खेल खेलना, नगर के विकास, अतिक्रमण और सफाई व्यवस्था को पूर्ण रूप से अस्त व्यस्त करना इनकी उपलब्धियां रही हैं। पूरे कार्यकाल में समय पर बोर्ड की बैठके नहीं करना और बैठकों में मनमर्जी के एजेंडे शामिल करना और केवल थोथी घोषणाओं का बखान करना इनकी विशेष उपलब्धियां रही हैं।

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 सभापति के पूरे कार्यकाल में कुचामन की जनता इस कुशासन से त्रस्त हो गई थी। जिस प्रकरण में सभापति और उपसभापति का निष्कासन हुआ हुआ हैं वो केवल मात्र एक ही प्रकरण है। ऐसे अनेकों भ्रष्टाचार के प्रकरण इनके कार्यकाल में हुए जिसको लेकर राज्य सरकार को इनके कार्यकाल में हुए सभी निर्माण कार्यों, पट्टों और कालोनियों के नियमन की जांच के लिए लिखा जाएगा।

इधर पूर्व विधायक महेंद्र चौधरी ने कहा कि कुचामन नगर परिषद के सभापति व उपसभापति का निलंबन जनता द्वारा चुने गए जन प्रतिनिधियों की राजनीतिक हत्या करने का षड्यंत्र है। भाजपा की सरकार व स्थानीय विधायक की साजिश का खुला षड्यंत्र इसमें साफ नजर आता है। नावां नगर पालिका की दलित महिला चेयरमैन को स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम से दूर रखना तथा कुचामन नगर परिषद में दलित समाज से ही आने वाले उपसभापति का निलंबन भाजपा की दलितों के प्रति नकारात्मक सोच को दर्शाता है।

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