कुचामनसिटी। नगर परिषद की बदहाल होती आर्थिक स्थिति और राजनीतिक अस्थिरता को लेकर उपसभापति हेमराज चावला ने चिंता जताते हुए राजमंत्री विजयसिंह चौधरी को हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है।


उन्होंने कहा कि परिषद की बिगड़ती हालत को सुधारने के लिए क्षेत्रीय विधायक एवं राज्य मंत्री को हस्तक्षेप करना चाहिए।

चावला ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुए करीब 20 माह हो चुके हैं, लेकिन कुचामन नगर परिषद की आर्थिक स्थिति लगातार गिरती जा रही है।
परिषद में करोड़ों रुपये के विकास कार्य अटके पड़े हैं। सफाई ठेकेदारों का भुगतान बकाया है, वहीं करीब 3 करोड़ रुपये बिजली विभाग का भी बकाया बताया जा रहा है।
पिछले 16–17 माह से पार्षदों के भत्ते भी लंबित हैं। छोटे-छोटे दैनिक कार्यों के भुगतान तक परिषद नहीं कर पा रही है।

उन्होंने कहा कि पद के दुरुपयोग और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सभापति व उपसभापति को निलंबित किये जाने की चर्चाओं ने अस्थिरता का माहौल और बढ़ा दिया है। इस कारण कस्बे के विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं।
चावला ने पूर्व विधायक व किसान नेता स्व. रामेश्वरलाल चौधरी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवनकाल में कभी भी लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई संस्था के खिलाफ कदम नहीं उठाए। ऐसे में उम्मीद है कि वर्तमान क्षेत्रीय विधायक व राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी भी लोकतांत्रिक संस्थाओं को अस्थिर करने वाले किसी कदम में सहयोग नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि झूठी शिकायतों के आधार पर सभापति और उपसभापति को निलंबित करने की कोशिशें लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ हैं। संवैधानिक रूप से निर्वाचित प्रतिनिधियों को इस तरह हटाना असंवैधानिक परंपरा की शुरुआत होगी।
उपसभापति ने राज्य सरकार से मांग की कि नगर परिषद को वित्त आयोग से रुकी हुई 10–12 करोड़ रुपये की राशि जल्द उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही परिषद को एकमुश्त आर्थिक पैकेज दिया जाए, ताकि कस्बे का रुका हुआ विकास फिर से पटरी पर आ सके।






