Sunday, March 29, 2026
Homeकुचामनसिटी60 की उम्र होते ही मिलेगी ₹3000 पेंशन, मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना...

60 की उम्र होते ही मिलेगी ₹3000 पेंशन, मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना से जुड़ें

- विज्ञापन -image description
IT DEALS HUB

राजस्थान सरकार ने असंगठित श्रमिकों, पथ विक्रेताओं और लोक कलाकारों की सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना 2024 लागू की है।

- विज्ञापन -image description
image description

इस योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर हर महीने तीन हजार रुपए की पेंशन दी जाएगी। यह पेंशन मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन के अतिरिक्त होगी।

- विज्ञापन -image description

योजना का लाभ उठाने के लिए राजस्थान का मूल निवासी होना जरूरी है। साथ ही आवेदक की मासिक आय 15 हजार रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। योजना में पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, बैंक खाते और ई-श्रम पोर्टल से प्राप्त यूएएन नंबर अनिवार्य रखा गया है। इसमें केवल 18 से 45 वर्ष की आयु वर्ग के व्यक्ति ही शामिल हो सकेंगे।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति पहले से ही आयकरदाता है या फिर ईपीएफ, ईएसआई अथवा एनपीएस जैसी अंशदायी योजनाओं में जुड़ा हुआ है तो वह इस योजना का लाभ नहीं ले पाएगा।

योजना में शामिल होने वाले प्रत्येक लाभार्थी को 60 वर्ष की आयु पूरी होने तक नियमित अंशदान करना होगा।

- Advertisement -ishan

इसके बाद उन्हें जीवनभर मासिक पेंशन का लाभ मिलेगा। पेंशन का भुगतान राज्य सरकार द्वारा तय किए गए पेंशन फंड मैनेजर अथवा राज्य पेंशन निधि से किया जाएगा।

पेंशनधारी की मृत्यु होने पर भी मिलेगी पेंशन 

योजना में पारिवारिक पेंशन का भी प्रावधान है। यदि पेंशनधारी की मृत्यु हो जाती है तो उसके पति या पत्नी को मिलने वाली पेंशन का 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन के रूप में दिया जाएगा। यह सुविधा केवल जीवनसाथी तक ही सीमित होगी।

सरकार ने आयु वर्ग के हिसाब से प्रावधान भी तय किए हैं। 18 से 40 वर्ष तक के लाभार्थियों को प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना में शामिल किया जाएगा और राज्य सरकार उनकी अंशदान राशि में सहयोग देगी। वहीं 41 से 45 वर्ष तक के लोगों का अंशदान सीधे राज्य सरकार को जमा होगा और सरकार अपने हिस्से के साथ उनकी पेंशन सुनिश्चित करेगी।

निःशक्तता (Permanent Disability) की स्थिति में प्रावधान

यदि कोई पात्र लाभार्थी 60 वर्ष की आयु पूरी करने से पहले स्थायी रूप से निःशक्त हो जाता है और आगे अंशदान करने में असमर्थ हो जाता है, तो उसका पति/पत्नी इस योजना को आगे जारी रख सकता/सकती है। यदि वे चाहें तो योजना छोड़ भी सकते हैं। इस स्थिति में उन्हें अब तक जमा किए गए अंशदान की राशि ब्याज सहित वापस मिल जाएगी। लेकिन सरकार का अंशदान योजना निधि में ही जमा रहेगा।

अंशदान तालिका और चार्ट।

विभागों की सहभागिता – 

इस योजना को सफल बनाने के लिए अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी तय की गई है। वित्त (बीमा) विभाग इसका प्रशासनिक विभाग होगा। राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग नोडल विभाग के रूप में योजना का संचालन, समन्वय, निगरानी और समस्या समाधान करेगा। वहीं श्रम विभाग, स्थानीय निकाय विभाग, कला एवं संस्कृति विभाग सहित अन्य संबंधित विभाग योजना का प्रचार-प्रसार करेंगे, लाभार्थियों की पहचान करेंगे और उन्हें लगातार योजना से जोड़े रखने का काम करेंगे।

आवेदन कैसे करें – 

इस योजना में शामिल होने के लिए पात्र लाभार्थी को मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना (MVPY) के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यहीं से रजिस्ट्रेशन, दस्तावेज़ जमा करवाना और योजना से जुड़ने की पूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

- Advertisement -
image description
IT DEALS HUB
image description
RELATED ARTICLES
- Advertisment -image description

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!