Sunday, May 10, 2026
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वीआईपी ट्रेड घोटाले का मास्टरमाइंड निकला कुचामन निवासी धीरज गट्टाणी

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कुचामन सिटी. डॉलर और यूरो में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग के कुचामन सिटी निवासी युवक को अजमेर पुलिस ने गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया है।

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आरोपी ने किशनगढ़ के एक साथी के साथ मिलकर वीआईपी ट्रेड के नाम से फर्जी मल्टीलेवल इन्वेस्टमेंट कंपनी बनाई और कई लोगों को मोटे मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपए की ठगी की।

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पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया है जबकि गिरोह के अन्य दो सदस्य अब भी फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संपत्ति कुर्की, बैंक खातों को फ्रीज करने और फर्जी डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच तेज कर दी है।

धीरज गट्टानी नामक युवक निकला कुचामन का

गिरफ्तार आरोपी में एक नाम कुचामन सिटी के मीरा मार्ग न्यू कॉलोनी निवासी धीरज गट्टानी पुत्र मनोज गट्टानी (26) का है, जो पूरे नेटवर्क में फाइनेंस और कलेक्शन का काम देखता था। दूसरा आरोपी हरमाड़ा हाल, बजरंग कॉलोनी किशनगढ़ निवासी लोकेश चौधरी पुत्र हरचंद जाट (26) है, जो इस ठगी योजना का मास्टरमाइंड माना जा रहा है।

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लोकेश चौधरी.

नकली वेबसाइट और फर्जी प्रेजेंटेशन से रचते थे ठगी का जाल

अजमेर एसपी वंदिता राणा ने बताया कि आरोपी लोकेश ने वर्ष 2022 में “वीआईपी ट्रेड” नाम से एक फर्जी ट्रेडिंग कंपनी शुरू की थी, जिसमें निवेश पर 8 से 12 प्रतिशत मंथली रिटर्न और कुछ वर्षों में पूंजी दोगुनी करने का लालच दिया जाता था। कंपनी की न तो कोई सरकारी मान्यता थी और न ही रजिस्ट्रेशन।

धीरज गट्टानी पूरे फाइनेंशियल मोड्यूल को ऑपरेट करता था। आरोपियों ने लोगों को गुमराह करने के लिए फर्जी वेबसाइट बनाई थी, जहां निवेशकों को लाभ दिखाया जाता था।

25 बैंक खाते फ्रीज, बिटकॉइन का भी किया उपयोग

अब तक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने करीब 25 बैंक खातों का उपयोग किया, जिनमें करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ। इनमें से कई ट्रांजैक्शन नकद में किए गए हैं। पुलिस ने इन खातों को फ्रीज कर दिया है। बिटकॉइन और अन्य डिजिटल माध्यमों से भी ठगी की रकम को खपाया गया।

किशनगढ़, मदनगंज और गांधीनगर में दर्ज हैं 31 से अधिक मामले

अब तक इस ठगी के सिलसिले में किशनगढ़, मदनगंज व गांधीनगर थानों में 31 से अधिक मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। एसपी के अनुसार, दोनों गिरफ्तार आरोपियों पर पहले से 25-25 हजार का इनाम घोषित था। पुलिस की स्पेशल टीम काफी समय से इनकी लोकेशन ट्रेस कर रही थी।

पुलिस को शक है कि गिरोह ने अब तक 10 से 15 करोड़ रुपये तक की ठगी कर ली है। ठगी के शिकार कई पीड़ितों ने पुलिस की समझाइश के बाद सामने आकर रिपोर्ट दर्ज करवाई।

फिलहाल दोनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। उनके पास से मिले दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों के आधार पर जल्द ही अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी संभव है।

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