कुचामन सिटी. स्टेशन रोड स्थित राजकीय जवाहर स्कूल, कुचामन सिटी में आज साइबर अपराध पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।


यह आयोजन कुचामन पुलिस थाना की साइबर सेल के अधिकारियों एवं कार्यशाला प्रभारी डॉ. भंवर लाल गुगड़ (स्टेट अवार्डी) के सामूहिक प्रयासों से संपन्न हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य स्कूली छात्रों को साइबर अपराध और उनसे बचाव के नियमों की जानकारी देना था।

कार्यशाला का उद्घाटन प्रधानाचार्य मंजू चौधरी ने किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि “साइबर अपराध एक ऐसा अपराध है जिसे अपराधी न जाने कहां बैठकर अंजाम देता है। हमें इससे सतर्क रहना होगा, और यह तभी संभव है जब हम आवश्यक नियमों की जानकारी रखें।”
कार्यशाला की अध्यक्षता एएसआई जगदीश प्रसाद (कुचामन थाना) ने की।

इंटरनेट से जुड़े खतरों की जानकारी
साइबर प्रकोष्ठ के हेल्प डेस्क अधिकारी राजकुमार ने कहा कि मल्टीमीडिया के इस युग में कई लोग जाने-अनजाने साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने चेताया कि मोबाइल पर आने वाली संदिग्ध APK फाइलों को डाउनलोड करते ही आपका डेटा हैक हो सकता है, जिसका गलत इस्तेमाल किया जाता है।उन्होंने सुझाव दिया कि
- Auto-download मोड को हमेशा बंद रखें।
- बिना सोच-समझे कोई भी ऐप डाउनलोड न करें।
- अपना बैंक खाता किसी को किराए पर न दें।
- लालच भरी वेबसाइट या लिंक पर क्लिक न करें।
‘संचार साथी’ ऐप और सिम की निगरानी
राजकुमार ने बताया कि ‘संचार साथी ऐप’ डाउनलोड करके पता लगाया जा सकता है कि आपके आधार कार्ड से कितनी सिम एक्टिवेट हैं। यदि कोई सिम गलत तरीके से जारी की गई है तो उसे तुरंत लॉक करवाएं।
ठगी की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करें
राजकुमार ने बताया कि रुपयों की ठगी या साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। यदि शिकायत 1 घंटे (गोल्डन पीरियड) के भीतर दर्ज करवाई जाती है, तो 100% रिकवरी की गारंटी रहती है। यदि 1930 पर शिकायत दर्ज नहीं हो रही हो तो.
- www.cybercrime.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
- नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर भी शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है।
चोरी का मोबाइल खरीदना पड़ सकता है भारी
एएसआई जगदीश प्रसाद ने बताया कि चोरी का मोबाइल सस्ते में खरीदने पर जेल भी हो सकती है। मोबाइल चोरी का है या नहीं, यह जांचने के लिए.
KYM <IMEI नंबर> टाइप करके 14422 पर भेजें। इससे मोबाइल की स्थिति की जानकारी प्राप्त हो जाएगी।
छात्राओं को ‘गुड टच-बैड टच’ की जानकारी
कांस्टेबल सरोज ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी तरह की हरासमेंट की स्थिति में उसे छुपाएं नहीं। तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों, या दिए गए संपर्क नंबरों पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने बालिकाओं को गुड टच-बैड टच की जानकारी दी और संबंधित नियमों से अवगत करवाया।
जन-जागरूकता फैलाने का आह्वान
कार्यशाला प्रभारी डॉ. भंवर लाल गुगड़ ने छात्रों से अपील की कि वे इस जानकारी को केवल अपने माता-पिता और पड़ोसियों तक ही सीमित न रखें, बल्कि अपने मोहल्ले और समुदाय तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी साइबर अपराध की सबसे बड़ी शिकार है। अतः अधिक रुपये कमाने, फ्री जीबी या सस्ते मोबाइल के लालच में न आएं और पूरी लगन से पढ़ाई करें।
इस अवसर पर वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक रामस्वरूप चौधरी, जाकिर खान, राजेश कुमार, हाकिम खान, नेमाराम ढाका, हंस चौहान, गोपाल गांधी सहित विद्यालय के कई शिक्षकों और कर्मचारियों ने कार्यशाला में भाग लिया।
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