कुचामन सिटी थाना क्षेत्र में हुई चोरी व नकबजनी की दो अलग-अलग वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नकद, केसर और विद्युत केबल बरामद की है।


किराने की दुकान से नकद और केसर चोरी
दिनांक 07 अगस्त 2025 को प्रार्थी विक्रम चौधरी निवासी कुचामन सिटी ने रिपोर्ट दी कि उनकी विनायक कॉम्प्लेक्स, पुराना सीकर (पिपली) बस स्टैंड की तरफ श्री कृष्णा डिपार्टमेंट स्टोर नाम से किराने की दुकान है।

6 अगस्त की रात करीब 9 बजे वह दुकान बंद कर घर गए थे, लेकिन 7 अगस्त की सुबह लगभग 4:10 बजे अज्ञात चोर दुकान का शटर तोड़कर गल्ले से ₹45,000 नकद और केसर चोरी कर ले गए।
मामले में थाना स्तर पर विशेष टीमों का गठन कर सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। कस्बे के आसपास डेरों में रहने वाले संदिग्ध घूमक्कड़ और मदारी जाति के लोगों पर नजर रखी गई।

संदेह के आधार पर मदारी कॉलोनी, जावली (थाना रानी, जिला पाली) निवासी सुनिल पुत्र राजु (30 वर्ष), लटू पुत्र लाखू (27 वर्ष) और परवाना पुत्र अजीत (26 वर्ष) को पकड़ा गया। पूछताछ में तीनों ने चोरी की वारदात कबूल की, जिस पर उन्हें गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ₹45,000 नकद और चोरी की गई केसर बरामद की गई।
कुचामन सिटी थानाधिकारी सतपाल सिंह ने बताया कि – आरोपी परिवार सहित कस्बे से बाहर सुनसान जगह डेरा डालते हैं, दिन में मदारी का खेल दिखाने और जड़ी-बूटियां, तेल बेचने के बहाने रैकी करते हैं। रात में शटर खींचकर तोड़ते हैं और अंदर घुसकर नकदी व कीमती सामान चुरा लेते हैं। जिन दुकानों में सेंट्रल लॉक नहीं होता, उन्हें निशाना बनाते हैं।

ट्यूबवेल की केबल चोरी का मामला
दिनांक 10 अगस्त 2025 को प्रार्थी बजरंग लाल ने रिपोर्ट दी कि उनके खेत में ट्यूबवेल पर लगी विद्युत केबल आरोपी ललित कुमार हरिजन पुत्र इन्द्रपाल (29 वर्ष) निवासी पलाड़ा और एक अन्य सुनिल (निवासी पलाड़ा) चुरा ले गए।
थानाधिकारी ने बताया कि मामले में कर्रवाई करते हुए नामजद आरोपी ललित को दबिश देकर पकड़ा गया, जबकि दूसरे आरोपी सुनिल की तलाश जारी है। ललित के कब्जे से लगभग 210 फीट लंबी चोरी की विद्युत केबल बरामद की गई, जिसकी कीमत करीब ₹22,500 आंकी गई है।
इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर (IPS) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुचामन सिटी नेमीचंद खारिया (RPS) व वृताधिकारी अरविंद विष्नोई (RPS) के सुपरविजन में, थानाधिकारी सतपाल सिंह (पुलिस निरीक्षक) के नेतृत्व में गठित टीम का योगदान रहा।
टीम में हेड कांस्टेबल गजेन्द्र सिंह, रामूराम, किशनलाल तथा कांस्टेबल कमलेश, धर्मसिंह, छोटूराम, देवी लाल और रविन्द्र सिंह शामिल रहे।
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