जिला डीडवाना-कुचामन के पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित सभागार में सोमवार को पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर (आई.पी.एस.) की अध्यक्षता में आज अपराध गोष्ठी आयोजित की गई।


बैठक में जिले भर के पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया और कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर व्यापक चर्चा हुई।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डीडवाना हिमांशु शर्मा, एएसपी कुचामन नेमीचंद खारिया, एएसपी परबतसर जिनेन्द्र जैन, वृताधिकारी डीडवाना धरम पुनिया, वृताधिकारी कुचामन सिटी अरविंद विश्नोई, वृताधिकारी मकराना भवानी सिंह, वृताधिकारी लाडनूं विक्की नागपाल सहित समस्त थाना अधिकारी उपस्थित रहे।
अपराध नियंत्रण के लिए दिए गए मुख्य निर्देश
पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में अपराधों की रोकथाम के लिए सख्त, सुनियोजित और तकनीकी रणनीति अपनाई जाए। उन्होंने निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश दिए:

- हिस्ट्रीशीटर और हार्डकोर अपराधियों की सतत निगरानी कर उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाए।
- स्थायी वारंटियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पत्रावलियों का नियमित अपडेट किया जाए।
- गुंडों और बदमाशों की टॉप-10 सूची तैयार कर उन पर प्रभावी कानूनी धाराओं में कार्रवाई की जाए।
- शराबखोरी और अवैध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई हो।
- संगठित अपराध और गैंगों की पहचान कर वृताधिकारियों को सीधे निगरानी कर सख्ती से निपटने को कहा गया।
एक सप्ताह का विशेष अभियान
पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया कि अपराध नियंत्रण हेतु सभी थानों में एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाया जाए, जिसमें निम्न कार्य प्राथमिकता में रहेंगे:
- प्रॉपर्टी ऑफेन्स जैसे लूट, चोरी, स्नैचिंग के मामलों में शीघ्र कार्रवाई व बरामदगी सुनिश्चित की जाए।
- 107 बीएनएसएस के तहत माफियाओं पर नियमित कार्रवाई हो।
- निरोधात्मक कार्यवाही को प्रभावशाली बनाकर संभावित अपराधों को रोका जाए।
- नशा एवं अवैध हथियार तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए।
- साइबर क्राइम पर त्वरित कार्रवाई, साइबर हेल्प डेस्क को सक्रिय कर आमजन की शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाए।
- गुम मोबाइल ट्रेसिंग अभियान अगले सप्ताह से शुरू किया जाए।
अन्य अहम बिंदु
- सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाकर स्टंटबाज़ी, हथियार प्रदर्शन आदि पर कानूनी कार्यवाही की जाए।
- सांप्रदायिक मामलों पर तत्परता से कार्रवाई कर शांति व्यवस्था बनाए रखी जाए।
- नाबालिग वाहन चालकों को रोका जाए, पुनरावृत्ति पर विधिक कार्रवाई हो।
- बीट पुलिसिंग को सशक्त कर बीट बुक का नियमित इंद्राज हो।
- नई तकनीकों का अधिकतम उपयोग, तकनीकी प्रशिक्षण और हथियारों की मॉक ड्रिल आयोजित की जाए।
- त्योहारों व मेलों में सुरक्षा व्यवस्था की समय रहते योजना बनाई जाए।
पुलिस अधीक्षक का संदेश
बैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर ने सभी अधिकारियों से सजग, सतर्क और तकनीकी रूप से दक्ष पुलिसिंग करने की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि जनता में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसके लिए समर्पण और अनुशासन आवश्यक है।
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