
मकराना न्यूज: शहर में 2016 में हुए एक गंभीर आपराधिक मामले में एसीजेएम न्यायालय ने तीन दोषियों को दोषी ठहराते हुए 7-7 साल के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

यह मामला बोरावड़ के जाटावास निवासी सुनील डारा द्वारा दर्ज कराया गया था। जिसमें उन्होंने अपने भाई के साथ हुई मारपीट, लूटपाट और अपहरण की शिकायत की थी।


दरअसल, घटना वर्ष 2016 की है जब पीड़ित अपने किसी काम से जा रहा था। तभी मकराना निवासी भोलिया (39), जिणवार डारा का बास निवासी सुरेश (34) और रूपा बाबा का टीला निवासी पूरन (25) ने उसे रास्ते में घेर लिया।
आरोपियों ने पहले उसके साथ मारपीट की और फिर जबरन उसका मोबाइल व एटीएम कार्ड छीन लिया। विरोध करने पर उसे जबरदस्ती एक गाड़ी में डालकर एक सुनसान जगह ले जाया गया। जहां उसे और प्रताड़ित किया गया। आरोपियों ने उसे धमकी दी कि यदि उसने पुलिस में शिकायत की तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
घटना के बाद पीड़ित के भाई सुनील ने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए।
2017 में मामला अदालत में पेश किया गया, जहां अभियोजन पक्ष ने आरोपियों को सजा दिलाने के लिए ठोस गवाही और सबूतों को सामने रखा।
करीब 8 साल तक चली सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोषियों को अपराध के लिए जिम्मेदार मानते हुए कड़ी सजा सुनाई।
कोर्ट ने अपहरण के मामले में 7 साल के कठोर कारावास की सजा के साथ 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया। इसके अलावा, चोट पहुंचाने और गलत तरीके से रोकने के आरोप में 5 महीने की सजा और 5,000 रुपए का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया।
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