Friday, April 4, 2025
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शासन सचिव व अन्य अधिकारियों ने सांभर झील क्षेत्र का लिया जायजा

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सांभर साल्ट की ओर से किए जा रहे अवैध अतिक्रमण व निजी नमक उत्पादकों की ओर से किए गए बोरवेल पर कार्रवाई को लेकर चर्चा

अरुण जोशी. नावां शहर। राजस्थान उच्च न्यायालय पीठ जयपुर द्वारा पारित आदेश की पालना में पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग जयपुर के आदेशानुसार गठित समिति ने शुक्रवार को सांभर झील क्षैत्र में अवैध अतिक्रमण, बोरवेल, पाईप लाईन, केबल का निरीक्षण किया।

आदेशों की पालना में समिति अध्यक्ष एवं विशिष्ठ शासन सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग जयपुर नेहा गिरि, सदस्य सचिव जिला कलक्टर डीडवाना-कुचामन सीताराम जाट, सदस्य एवं क्षेत्रीय निदेशक केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड, पश्चिम क्षेत्र जयपुर मनोहर सिंह राठौड़, सदस्य एवं मुख्य अभियन्ता भू-जल विभाग जयपुर सुरजभान सिंह एवं हिन्दुस्तान साल्ट लिमिटेड, साभर साल्ट लिमिटेड के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सांभर क्षेत्र का संयुक्त रूप से सांभर झील क्षेत्र के ग्राम झपोक, शाकम्भरी मंदिर क्षेत्र, खाखड़की, सिनोदिया, झाग-आउ, मोहनपुरा, नावां, चालीस मोरिया, जाबदीनगर, गुढ़ा साल्ट का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान जिला स्तरीय अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान शासन सचिव नेहा गिरी ने सांभर झील के संरक्षण हेतु अवैध बोरवेल, अवैध रुप से बिछी पाइप लाइन व विद्युत केबिलों ओर अवैध अतिक्रमण पर की जा रही कार्रवाई को लेकर जानकारी ली।

तहसीलदार सतीश कुमार राव ने झील क्षेत्र में की गई कार्रवाई को लेकर रिपोर्ट पेश की। इसके साथ ही उपखंड कार्यालय में रखी जब्त की हुई समर्सीबल मोटरे व केबिल का भी निरीक्षण करवाया।

सांभर साल्ट के अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई की रखी मांग

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नमक उद्यमियों के प्रतिनिधि व रिफाइनरी एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल गट्टानी ने शासन सचिव को ज्ञापन देकर नमक उद्योग के संरक्षण की बात कही। उन्होंने कहा की नमक उत्पादन हेतु पानी की महत आवश्यकता होती है। प्रशासन की ओर से एक तरफा कार्रवाई की जाती है। नमक उत्पादन संघ के अध्यक्ष केसाराम लोरा ने बताया की सांभर साल्ट लिमिटेड की ओर से किए जा रहे अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि सांभर साल्ट में अंगेजों के समय से साठ क्यार बनाए हुए है।

कम्पनी वह साठ क्यार चलाने में असमर्थ है लेकिन झील में अवैध अतिक्रमण के उद्देश्य से नए क्यार बना रही है। इसके साथ ही कम्पनी ने राज्य सरकार की सिवायचक भूमि पर नमक की रिफाइनरी खड़ी कर दी। इस तरह सांभर साल्ट लिमिटेड हर जगह अतिक्रमण कर झील क्षेत्र के अस्तित्व को खतरे में डाल रहा है। उन्होंने सांभर साल्ट की अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई की मांग रखी।

कार्रवाई के दिए निर्देश:

  1. शासन सचिव नेहा गिरी ने निरीक्षण के दौरान झील क्षेत्र में हुए अवैध अतिक्रमण, बोरवेल, पाइप लाइन व केबिल पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
  2. शासन सचिव नेहा गिरी ने जिला कलेक्टर को क्षेत्र में स्थित सभी नमक उत्पादन इकाइयों क्षेत्र को चिन्हित कर नॉन कन्वर्टेड इकाइयों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
  3. शासन सचिव ने जिला कलेक्टर को निर्देश दिए की जागीरदारों को आवंटित हुई जमीनों पर जिन्होंने बिना कन्वर्जन के नमक इकाइयां बनाई है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
  4. शासन सचिव ने विद्युत निगम के सीनियर इंजीनियर मूलचंद वर्मा को सभी इकाइयों के कनेक्शन की जांच कर अवैध कनेक्शन और लोड की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही राजस्व विभाग को इसका भी औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
  5. खनन विभाग को झील क्षेत्र में किए जा रहे मिट्टी के अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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