Friday, April 4, 2025
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सांभर झील में होगी जीपीएस टैगिंग, झील के चारो ओर लगाए जाएंगे पिल्लर

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झील के चारो तरफ लगाए जाएंगे 525 पिल्लर

अरुण @ जोशी @ नावां शहर। शहर के नगरपालिका सभागार में बुधवार की सुबह सांभर झील के सीमांकन को लेकर बैठक आयोजित की गई। उपवन संरक्षक वी. केतन कुमार की अध्यक्षता में राजस्व विभाग, वन विभाग, पर्यावरण विभाग के अधिकारियों की बैठक ली गई।

जिसमे नावां उपखंड अधिकारी विश्वामित्र मीणा, तहसीलदार सतीश कुमार राव, रूपनगढ़ उपखंड अधिकारी सुखराम पिंडेल, रूपनगढ़ तहसीलदार हितेश चौधरी, पर्यावरण विभाग से शार्दुल कोठरी, पीडीकोर कंपनी के विनोद कुमार शर्मा सहित भू अभिलेख निरीक्षक, पटवारी मौजूद रहे।

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बैठक में सांभर झील का सीमांकन करने के साथ ही पिल्लर लगाकर तारबंदी करवाने की चर्चा की गई। पीडीकोर लिमिटेड की ओर से सांभर झील का सीमांकन कर बनाए गए नक्शे के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई और नक्शे में 525 पिल्लर अंकित किए गए। सीमांकन कर बनाए गए नक्शे को धरातल पर कार्य शुरू करवाने के संबंध में चर्चा की गई।

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उपखण्ड अधिकारी विश्वामित्र मीणा ने सीमांकन के दौरान लगाए जाने वाले पिल्लरो के मध्य पौधारोपण करने का सुझाव दिया। तहसीलदार सतीश कुमार राव ने पिल्लरो के मध्य तारबंदी कराने का सुझाव दिया। उप वन संरक्षक वी. केतन कुमार ने सांभर झील का सीमांकन कर बनाए गए नक्शे की निशानदेही करने, पिल्लर बनाने से पूर्व पिल्लर की निशानदेही का अनुमोदन करने के लिए उपखंड अधिकारी व तहसीलदार को राजस्व टीम का गठन करने के निर्देश दिए।

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पीडीकोर लिमिटेड की ओर से किए गए कार्य की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से राजस्व विभाग, वन विभाग व सांभर लेक मैनेजमेंट एजेंसी को दिए जाने के लिए पाबंद किया गया। पीडीकोर द्वारा निशानदेही के दौरान और पिल्लर निर्माण के समय आने वाली समस्याओ, अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन की सहायता मांगने पर प्रशासन ने पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया।

पीडीकोर लिमिटेड के अधिकारी विनोद कुमार ने अधिकारीयों के समक्ष बनाए गए नक्शे में अंकित पिल्लर संख्या 392 और 377 की डिजीपीएस के माध्यम से मौके पर निशानदेही कर बताया। उन्होंने मौके पर की गई निशानदेही के स्थान पर 4 फिट ऊंचाई का पिल्लर बनाने और पिल्लर पर जी.पी.एस. अंकित करने के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। निशानदेही के बाद बनी झील की सीमा पर पिल्लर का निर्माण किया जाना तय किया गया ताकि सीमा रेखा से लगते अन्य खातेदार उजरदारी न कर सके।

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