कुचामन सिटी. राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पांचवें चरण के अंतर्गत कुचामन सिटी में लगभग 23.06 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर शहर के जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, प्रबुद्धजनों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं अन्य हितधारकों के साथ “आरयूआईडीपी संवाद” परामर्श बैठक का आयोजन बुधवार को नगर परिषद सभागार में किया गया।

कार्यक्रम में आरयूआईडीपी के पांचवें चरण में किए जाने वाले कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई तथा प्रतिभागियों से सुझाव एवं प्रतिक्रिया प्राप्त की गई। कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी, नगर परिषद आयुक्त, सभापति, पूर्व पार्षद एवं आमजन उपस्थित रहे।

बैठक में बताया गया कि पांचवें चरण में एशियाई विकास बैंक के वित्तपोषण से अपशिष्ट जल प्रबंधन तथा शोधित अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग से संबंधित कार्य किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त बाढ़ प्रबंधन एवं ड्रेनेज कार्यों पर लगभग 2.96 करोड़ रुपये, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (CCC), विरासत संरक्षण एवं पर्यटन संबंधी कार्यों पर 4.14 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। साथ ही शहरी परिवहन नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए आधुनिक शहरी गतिशीलता समाधान लागू किए जाएंगे, जिससे शहरवासियों को सुरक्षित, कुशल एवं सतत परिवहन व्यवस्था उपलब्ध हो सके।
कार्यक्रम में शहर के जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, प्रबुद्धजनों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों, परियोजना से जुड़े अधिकारियों, महिलाओं एवं आमजन ने भाग लिया। वक्ताओं ने आरयूआईडीपी एवं स्थानीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय पर बल देते हुए परियोजना के सफल क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के सहयोग को आवश्यक बताया।

अधीक्षण अभियंता नेमीचंद पंवार ने अपने संबोधन में सीवरेज परियोजना को कुचामन सिटी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने नगर परिषद एवं शहरवासियों के पूर्ण सहयोग का विश्वास दिलाते हुए कहा कि परियोजना की सफलता के लिए आरयूआईडीपी, नगर परिषद एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस योजना का लाभ शीघ्र ही शहर की जनता को मिलेगा तथा सभी जनप्रतिनिधियों और वार्ड पार्षदों से परियोजना को घर-घर तक पहुंचाने एवं सहयोग करने की अपील की। साथ ही कहा कि आमजन को जल्द लाभ मिले, इसके लिए प्रभावी योजना बनाकर कार्य किए जाएं। उन्होंने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता के लिए सभी पार्षदों एवं हितधारकों का धन्यवाद भी ज्ञापित किया।
कार्यशाला में उपखंड अधिकारी ने कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान आमजन को कम से कम असुविधा हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने पूर्व अनुभवों का उल्लेख करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि आरयूआईडीपी कुचामन सिटी में सीवरेज कार्यों का गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवस्थित क्रियान्वयन करेगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों के अनेक रचनात्मक सुझाव प्राप्त हुए हैं।
आरयूआईडीपी के अधीक्षण अभियंता ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से पांचवें चरण के प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएंगे तथा कार्यशाला में प्राप्त सुझावों को परियोजना में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यशाला के दौरान एक वृत्तचित्र के माध्यम से आरयूआईडीपी द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों का प्रदर्शन किया गया। खुले सत्र में प्रतिभागियों ने सीवरेज एवं अन्य परियोजनाओं से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
कार्यशाला में पूर्व सभापति, पूर्व जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं अन्य हितधारकों ने भाग लेते हुए सुझाव दिए कि फेज-04 के शेष क्षेत्रों में भी सीवरेज कार्य पूर्ण किए जाएं। साथ ही शहरी परिवहन नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए डिवाइडर एवं यातायात नियंत्रक बत्तियां लगाई जाएं तथा बाढ़ प्रबंधन एवं ड्रेनेज कार्यों के अंतर्गत झालरा रोड एवं मोतीराम जी की कोठी क्षेत्र में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
बैठक में पूर्व पार्षदों ने फेज-04 के अंतर्गत कुछ स्थानों पर सीवरेज एवं पेयजल कनेक्शन से संबंधित लंबित प्रकरणों की जानकारी भी दी, जिन पर आरयूआईडीपी द्वारा कार्य प्रगति पर होने की जानकारी दी गई।






