कुचामन सिटी. सकल जैन समाज के श्रावक-श्राविकाओं का दल इन दिनों छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश के प्रमुख जैन तीर्थों की छह दिवसीय धार्मिक यात्रा पर है।

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने विभिन्न तीर्थस्थलों पर दर्शन, पूजन, कलशाभिषेक एवं शांतिधारा कर विश्व शांति, सुख-समृद्धि और मानव कल्याण की मंगलकामना की।

यात्रा के प्रथम चरण में श्रद्धालु बालाघाट पहुंचे। जहां उन्होंने आचार्य विद्यासागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि विराट सागर महाराज एवं मुनि निस्पृह सागर महाराज के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद आदिनाथ जिनालय में भगवान का भव्य कलशाभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न हुई।
इसके पश्चात यात्रा दल चन्द्रोदय तीर्थ पहुंचा। जहां आचार्य विद्यासागर महाराज की शिष्या आर्यिका 105 तपोमती माता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं ने आचार्य विद्यासागर महाराज के समाधि स्थल के दर्शन किए तथा निर्माणाधीन ऐतिहासिक त्रिकाल चौबीसी जिनालय का अवलोकन किया।

साथ ही महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित हस्तकरघा इकाई का भ्रमण कर स्वदेशी उत्पादों के अधिकाधिक उपयोग का संकल्प भी लिया।
यात्रा के अगले पड़ाव रामटेक जैन तीर्थ में श्रद्धालुओं ने आचार्य के संघ की शिष्या आर्यिका 105 आदर्शमती माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। यहां मूलनायक 17 फीट ऊंची खड़गासन भगवान शांतिनाथ की प्रतिमा का श्रद्धापूर्वक कलशाभिषेक एवं शांतिधारा की गई। इसके अलावा रामटेकगढ़ में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम एवं लक्ष्मण के दर्शन का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ।
यात्रा में सुभाष पहाड़िया, मंजू पहाड़िया, विनोद, संगीता, अजीत पहाड़िया, राजकुमार सेठी, सुमित्रा सेठी, विनोद-उषा झांझरी, मनोज, ममता, प्रमोद एवं विनीता पांड्या सहित अन्य श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सभी श्रद्धालुओं ने प्राणीमात्र के सुख, समृद्धि, विश्व शांति, अमन-चैन एवं विश्व कल्याण की भावना से श्रद्धापूर्वक शांतिधारा कर मंगलकामना की।
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