Homeकुचामनसिटीकुचामन सिटी: मानसून की सुस्ती से किसानों में बढ़ी बेचैनी, सावणी फसलें...

कुचामन सिटी: मानसून की सुस्ती से किसानों में बढ़ी बेचैनी, सावणी फसलें संकट में

दक्षिण-पश्चिम की तेज हवाओं से घट रही खेतों की नमी, कृषि विभाग से खेतों में पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आकलन करने की मांग

- विज्ञापन -image description
IT DEALS HUB

कुचामन शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश की लंबी खींच और मौसम की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

- विज्ञापन -image description
IT DEALS HUB

पिछले कई दिनों से दक्षिण-पश्चिम दिशा की तेज एवं शुष्क हवाएं चलने से खेतों की नमी लगातार कम हो रही है। ऐसे में ज्वार, बाजरा, मूंग, मोठ, ग्वार, तिल और मूंगफली सहित खरीफ (सावणी) फसलों की बढ़वार प्रभावित होने की आशंका गहरा गई है।

- विज्ञापन -image description

क्षेत्र के किसानों का कहना है कि खरीफ फसलों की बुवाई के बाद समय पर बारिश नहीं होने से खेतों की नमी तेजी से समाप्त हो रही है। आसमान में बादल लगातार मंडरा रहे हैं, लेकिन बरस नहीं रहे।

इससे किसानों की उम्मीदें बार-बार टूट रही हैं और मौसम की अनिश्चितता ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। तेज हवाओं के कारण मिट्टी तेजी से सूख रही है, जिससे फसलों के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। यदि आगामी दिनों में अच्छी वर्षा नहीं हुई तो उत्पादन में गिरावट आने के साथ किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

- Advertisement -ishan

किसान नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता परसाराम बुगालिया ने कहा कि मौसम की बेरुखी के कारण किसान मानसिक रूप से भी परेशान हैं और हर दिन अच्छी बारिश की उम्मीद में आसमान की ओर निगाहें लगाए हुए हैं।

कुचामन के होटल में आधी रात बड़ी कार्रवाई, तीन बांग्लादेशी महिलाओं समेत आठ गिरफ्तार

उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारियों को केवल कार्यालयों तक सीमित रहने के बजाय गांवों और खेतों में पहुंचकर किसानों से संवाद करना चाहिए तथा मौसम और फसल प्रबंधन संबंधी आवश्यक सलाह देनी चाहिए, ताकि किसान परिस्थितियों के अनुसार उचित निर्णय ले सकें।

फसलों का सर्वे कर सरकार को भेजी जाए रिपोर्ट

बुगालिया ने मांग की कि कृषि विभाग के अधिकारी क्षेत्र का दौरा कर फसलों की वास्तविक स्थिति का आकलन करें और सरकार को तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजें, ताकि समय रहते आवश्यक राहत एवं सहायता संबंधी निर्णय लिए जा सकें।

उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन किसानों की आजीविका का आधार है। जिले की खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर है और बारिश में देरी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे समय में विभागीय सक्रियता बेहद जरूरी है।

क्षेत्र के किसानों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो सावणी फसलों पर संकट और गहरा सकता है।

कुचामन में टाइप-1 डायबिटीज जागरूकता शिविर, 100 से अधिक बच्चे व अभिभावक हुए शामिल

- Advertisement -
image description
IT DEALS HUB
image description
RELATED ARTICLES
- Advertisment -image description

Most Popular

Recent Comments