कुचामन सिटी की जैन कॉलोनी एवं आसपास के क्षेत्र में आबादी के बीच बनाए गए कथित अवैध कचरा डंपिंग यार्ड के मामले में ताल्लुका विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश कुसुम सुत्रकार के समक्ष जनहित प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई।


सुनवाई के दौरान अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के जिला विधि आयाम प्रमुख अधिवक्ता ओमप्रकाश पारीक, अधिवक्ता कोमल पारीक एवं प्रियंका पारीक के साथ प्रार्थी सुभाष पावड़िया, आनंद नेहरा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

पूर्व सुनवाई में न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों की पालना में नगर परिषद आयुक्त शिंकेश कांकरिया ने सफाई निरीक्षक राजेन्द्र गोयर के साथ नगर परिषद की ओर से हटाए गए प्लास्टिक कचरे तथा वहां डलवाई गई साफ मिट्टी के फोटोग्राफ न्यायालय में प्रस्तुत किए। नगर परिषद के अधिवक्ता पुष्पेन्द्र सिंह ने न्यायालय को बताया कि परिषद द्वारा काफी हद तक कचरा हटवाकर स्थल पर साफ मिट्टी डलवाई गई है।
वहीं प्रार्थी सुभाष पावड़िया ने न्यायालय में वर्तमान स्थिति के फोटोग्राफ प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि केवल कुछ ट्रैक्टर कचरा हटाया गया है, जबकि नगर परिषद द्वारा प्रस्तुत किए गए फोटो वास्तविक स्थिति नहीं दर्शाते। उन्होंने कहा कि मौके पर आज भी भारी मात्रा में प्लास्टिक कचरा एवं अन्य अपशिष्ट पड़ा हुआ है तथा न्यायालय स्वयं स्थल का निरीक्षण कर सकता है।

दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत फोटोग्राफ रिकॉर्ड पर लेने के निर्देश देते हुए न्यायाधीश कुसुम सुत्रकार ने कहा कि दोनों पक्षों के फोटो जीपीएस लोकेशन के साथ प्रस्तुत किए गए हैं, फिर भी वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पा रही है। इस पर न्यायालय ने नगर परिषद को निर्देश दिए कि वह प्रार्थियों एवं परिषद द्वारा प्रस्तुत फोटोग्राफ का तुलनात्मक परीक्षण कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट आगामी सुनवाई18 जुलाई को न्यायालय में प्रस्तुत करे।






