कुचामन क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारी वर्ग, किसानों, कर्मचारियों, युवाओं एवं प्रबुद्धजनों ने मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर कुचामन थाना अधिकारी एवं पुलिस निरीक्षक सतपाल सिंह के निलंबन आदेश को निरस्त करने की मांग की है।


ज्ञापन में बताया गया कि हाल ही में डीडवाना-कुचामन जिले में हुई प्रशासनिक कार्यवाहियों से आमजन में निराशा एवं असंतोष का माहौल बना है। नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद्र यादव एवं तहसीलदार कैलाश ईनाणिया के स्थानांतरण का भी उल्लेख करते हुए कहा कि अल्प अवधि में लगातार महत्वपूर्ण अधिकारियों के विरुद्ध हुई कार्रवाई से जनता में गलत संदेश जा रहा है।

ज्ञापन में कहा गया कि पुलिस निरीक्षक सतपाल सिंह ने अपने कार्यकाल में आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना, अपराध नियंत्रण में सक्रिय भूमिका निभाई तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए। उनके कार्यकाल में लोगों ने पुलिस प्रशासन को अधिक सुलभ एवं उत्तरदायी रूप में अनुभव किया।
सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने वाले अधिकारियों को भी कठोर प्रशासनिक परिणाम भुगतने पड़ें तो इससे ईमानदारी से कार्य करने वाले अधिकारियों का मनोबल प्रभावित हो सकता है।

ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग की गई कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए पुलिस निरीक्षक सतपाल सिंह का निलंबन निरस्त कर उनकी सेवाएं शीघ्र बहाल की जाएं।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की सुरक्षा में चूक के बाद की गई थी कार्रवाई
BJP प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के कुचामन दौरे के दौरान आरएलपी कार्यकर्ता पुलिस तैनाती के बावजूद उनकी गाड़ी तक पहुंच गए और विरोध किया।
इसके बाद डीडवाना-कुचामन एसपी और तहसीलदार का तबादला हो गया जबकि कुचामन थानाधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया था।
पूरी खबर – बीजेपी सरकार ने लाइन से लिए नंबर: कुचामन थानाधिकारी भी निलंबित, पहले किया था एसपी-तहसीलदार का तबादला






