Monday, August 3, 2026
Homeकुचामनसिटीकुचामन सिटी: मां की मौत, पिता का पता नहीं: अब जयपुर में...

कुचामन सिटी: मां की मौत, पिता का पता नहीं: अब जयपुर में होगी बच्चे की देखभाल, प्रभारी सचिव के निर्देश पर बाल कल्याण समिति ने की कार्रवाई

- विज्ञापन -image description
IT DEALS HUB

कुचामन सिटी. जिला प्रभारी सचिव डॉ. समित शर्मा के निर्देश पर बाल कल्याण समिति न्यायपीठ नागौर ने एक विशेष श्रेणी के बालक के संरक्षण और देखरेख को लेकर पहल करते हुए उसे उचित देखभाल एवं आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।

- विज्ञापन -image description

बालक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने तथा उसके माता-पिता का संरक्षण उपलब्ध नहीं होने की जानकारी मिलने पर समिति ने तत्काल कार्रवाई की।

- विज्ञापन -image description

बालक की माँ की मौत हो गई, पिता का पता नहीं

जानकारी के अनुसार  – बाल अधिकारिता विभाग डीडवाना के सहायक निदेशक जयपाल सिंह के माध्यम से यह मामला बाल कल्याण समिति न्यायपीठ नागौर के संज्ञान में आया। बताया गया कि कुचामन क्षेत्र का एक मासूम बालक विशेष श्रेणी का है तथा उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है। बालक की माता का निधन हो चुका है जबकि पिता का कोई पता नहीं है। ऐसे में बालक की देखभाल और संरक्षण की कोई उचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी।

बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष पहुंचे स्थिति जानने

मामले की गंभीरता को देखते हुए बाल कल्याण समिति न्यायपीठ नागौर के अध्यक्ष मनोज सोनी स्वयं कुचामन पहुंचे। उनके साथ चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक नरपतराम एवं डीसीपीयू प्रतिनिधि राहुल दवे भी मौजूद रहे। टीम ने बालक की स्थिति का अवलोकन किया तथा कुचामन के राजकीय जिला अस्पताल में उसका मेडिकल परीक्षण करवाया। इसके बाद आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए बालक के लिए विमंदित गृह में आवास व्यवस्था की प्रक्रिया प्रारंभ करवाई गई।

- Advertisement -ishan

इस संबंध में समिति अध्यक्ष मनोज सोनी ने समिति सदस्य निधि हेड़ा, गोपालराम फूलफगर, रामलाल कुँवाड़ एवं नत्थुराम मेघवाल के साथ विधिक आदेश जारी किए। उन्होंने बताया कि बालक की देखरेख, संरक्षण, उपचार एवं समग्र विकास की व्यवस्था समिति के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी।

अब हो सकेगी उच्च स्तरीय मेडिकल एवं आवास व्यवस्था

समिति अध्यक्ष मनोज सोनी ने बताया कि किसी भी बच्चे का विशेष श्रेणी का या विमंदित होना अपने आप में कोई समस्या या संकट नहीं है। वास्तविक समस्या तब होती है जब ऐसे बच्चों की जानकारी प्रशासन अथवा समिति तक नहीं पहुंच पाती। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ऐसे विशेष श्रेणी के बच्चों के लिए उच्च स्तरीय चिकित्सा जांच, उपचार और आवास की समुचित व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

उन्होंने बताया कि इस मामले में भी बालक की उचित देखरेख और संरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। बाल कल्याण समिति न्यायपीठ नागौर ने बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक जयपाल सिंह के साथ समन्वय स्थापित कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की है। बालक को जयपुर स्थित विशेष होम में शिफ्ट किया गया है।

बालक के फॉलोअप एवं आगे की देखरेख को लेकर बाल अधिकारिता विभाग डीडवाना-कुचामन के सहायक निदेशक जयपाल सिंह द्वारा आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।

कुचामन सिटी: महेश नवमी महोत्सव में बॉलीवुड थीम प्रतियोगिता ने बांधा समां, महिलाओं ने दिखाई प्रतिभा

- Advertisement -
image description
IT DEALS HUB
image description
RELATED ARTICLES
- Advertisment -image description

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!