कुचामन सिटी क्षेत्र में प्री-मानसून की पहली अच्छी बारिश के बाद किसानों द्वारा बोई गई खरीफ फसलें अब अंकुरित होने लगी हैं। खेतों में हरियाली की पहली झलक दिखाई देने के साथ ही किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।


नवांकुरित फसलों को आवारा गोवंश एवं जंगली जानवरों से बचाने के लिए किसान खेतों की मेड़ों पर तारबंदी करने और सुरक्षा प्रबंध मजबूत करने में जुट गए हैं।

किसानों का कहना है कि बुवाई के बाद का यह समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। फसल के अंकुरित होते ही यदि आवारा पशु खेत में घुस जाएं तो कुछ ही घंटों में पूरी मेहनत पर पानी फिर सकता है। यही कारण है कि किसान दिन-रात खेतों की निगरानी के साथ-साथ तारबंदी और मेड़बंदी का कार्य कर रहे हैं।
किसानों की सरकार से मांग –
किसान नेता परसाराम बुगालिया ने कहा कि किसान फसल उत्पादन के हर चरण में कड़ी मेहनत करता है। बुवाई से लेकर कटाई तक उसे मौसम, महंगे कृषि आदानों, आवारा पशुओं और अन्य कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। अब जब फसलें अंकुरित होकर खेतों में लहलहाने लगी हैं, तब उनकी सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन गई है।

सरकार से मांग करते हुए उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंश को गौशालाओं में भेजने की प्रभावी व्यवस्था की जाए, ताकि किसानों की मेहनत और फसल दोनों सुरक्षित रह सकें।
बुगालिया ने कहा कि किसान को अपनी फसल बचाने के लिए भी अतिरिक्त संघर्ष करना पड़ रहा है। यदि आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों खेत-खेत तारबंदी, मेड़बंदी और फसल सुरक्षा के कार्य तेज गति से चल रहे हैं। किसान अच्छी बारिश और बेहतर उत्पादन की उम्मीद के साथ अपनी मेहनत को बचाने की लड़ाई भी लड़ रहे हैं।
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