कुचामन सिटी. क्षेत्र में चल रही राजनीतिक व प्रशासनिक खींचतान का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।


कुचामन सिटी तहसील के अंतर्गत आने वाली उप-तहसील चितावा में पिछले पांच-छह दिनों से पंजीयन (रजिस्ट्री) सहित राजस्व विभाग के अनेक महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं।

इसके कारण क्षेत्र के ग्रामीणों और किसानों में प्रशासन व सरकार के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है।
एक साल से रिक्त है नायब तहसीलदार का पद
गौरतलब है कि चितावा उप-तहसील में पिछले एक वर्ष से भी अधिक समय से नायब तहसीलदार का पद रिक्त चल रहा है। पद रिक्त होने के कारण इस उप-तहसील का अतिरिक्त कार्यभार कुचामन सिटी के तहसीलदार को सौंप रखा था। लेकिन पिछले दिनों क्षेत्र में हुई राजनीतिक हलचल के बाद कुचामन तहसीलदार का रातों-रात तबादला कर दिया गया।

बीजेपी-आरएलपी टकराव का असर
चर्चा है कि राजस्थान की भाजपा सरकार ने बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष की सुरक्षा में हुई चूक के बाद डीडवाना-कुचामन जिले में प्रशासनिक फेरबदल किए हैं।
लोगों का आरोप है कि बीजेपी और आरएलपी (RLP) पार्टी के बीच चल रहे आपसी टकराव के चलते ही तहसीलदार को यहाँ से अचानक हटा दिया गया। सरकार ने तबादला तो कर दिया, लेकिन उनके स्थान पर नए अधिकारी की नियुक्ति करना भूल गई।
कुचामन में अब तक नए तहसीलदार के पदस्थापन के आदेश नहीं हुए हैं। व्यवस्था को सुचारू करने के बजाय सरकार ने नावां के तहसीलदार रामेश्वर गढ़वाल को कुचामन तहसील का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ चितावा में पहले से ही नायब तहसीलदार का पद खाली है, वहीं अब कुचामन में भी तहसीलदार नहीं है।
थानाधिकारी के निलंबन पर भी फूटा था गुस्सा
प्रशासनिक फेरबदल के तहत सरकार ने कुचामन थानाधिकारी का भी निलंबन कर दिया था, जिसके विरोध में सर्वसमाज के लोगों ने सड़कों पर उतरकर जुलूस निकाला था और निलंबन निरस्त करने की मांग की थी।






