कुचामन सिटी. स्टेशन रोड स्थित पीएम श्री जवाहर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में संचालित समाज सेवा एवं अभिरुचि शिविर के अंतर्गत शुक्रवार को पर्यावरण संरक्षण, जल विरासत संवर्धन, साक्षरता जागरण एवं मानव सेवा से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की गईं।


स्वयंसेवी छात्र-छात्राओं ने जागरूकता रैली निकालकर “प्लास्टिक हटाओ-पर्यावरण बचाओ” के नारे लगाए तथा सब्जी मंडी क्षेत्र में आमजन को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए करीब 200 कपड़े के थैले वितरित किए। विद्यार्थियों के इस प्रयास की व्यापारियों एवं नागरिकों ने सराहना की।

जाव की बावड़ी में श्रमदान
इसके बाद शिविरार्थी कुचामन की ऐतिहासिक धरोहर जाव की बावड़ी पहुंचे, जहां श्रमदान कर परिसर एवं सीढ़ियों की सफाई की। स्थानीय निवासी मनोज गौड़ ने बावड़ी के इतिहास, स्थापत्य एवं महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि यह प्राचीन समय में गढ़ तक पानी पहुंचाने का प्रमुख स्रोत तथा कुचामन की जल संरक्षण परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को कुएं, बावड़ियां और तालाब जैसी पारंपरिक जल संरक्षण प्रणालियों के महत्व से परिचित कराने की आवश्यकता बताई।
मानव सेवा की भावना के तहत विद्यार्थियों ने अपना घर आश्रम पहुंचकर वहां निवासरत 63 प्रभुजनों को फल वितरित किए तथा उनसे आत्मीय संवाद किया। आश्रम प्रबंधन ने विद्यार्थियों के सेवा भाव की सराहना की।

साक्षरता और सामाजिक जागरूकता का संदेश
शिविर में मुख्य वक्ता डीडवाना-कुचामन जिले के पूर्व साक्षरता समन्वयक चम्पालाल कुमावत ने न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को साक्षरता अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने निरक्षर व्यक्तियों के सर्वेक्षण प्रपत्र समझाए तथा कहा कि प्रत्येक शिक्षित व्यक्ति को कम से कम एक व्यक्ति को साक्षर बनाने का प्रयास करना चाहिए। कुमावत ने वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से जिलिया गांव की शांति देवी की प्रेरक साक्षरता यात्रा साझा की तथा बाल विवाह और उसके दुष्प्रभावों की जानकारी दी।
विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए चम्पालाल कुमावत ने सभी स्वयंसेवकों को मैंगो शेक पिलाया।
विद्यालय की प्राचार्य मंजू चौधरी ने शिविर गतिविधियों का अवलोकन कर विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की तथा शिविर प्रभारी डॉ. भंवरलाल गुगड़, अभिरुचि शिविर प्रभारी दयाराम कालावत एवं समाज सेवा शिविर सह प्रभारी रामस्वरूप जाट को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
अंत में विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, जल धरोहरों के संवर्धन, साक्षरता प्रसार एवं मानव सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।






