कुचामन सिटी शहर के शिव मंदिर, खारिया रोड में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के विराम दिवस पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। कथा के समापन अवसर पर 21 जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में आहुतियां देकर धर्म लाभ प्राप्त किया।




कथा वाचन करते हुए संत शिवानंद महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के 16,108 विवाहों का विस्तार से वर्णन किया तथा सुदामा-कृष्ण संवाद के माध्यम से सच्ची मित्रता का महत्व बताया। साथ ही उन्होंने राजा परीक्षित के मोक्ष और भगवान के परमधाम गमन की कथा सुनाकर सात दिवसीय कथा को विराम दिया।
सात दिनों तक कथा के मुख्य यजमान के रूप में गुलाबचंद व मदन मारोठिया (मिश्रा वाली कोठी) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समापन अवसर पर लक्ष्मण जी दादरवाल व रामूराम दुबलदिया द्वारा श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था की गई। वहीं शिव मंदिर समस्त कुम्हारान पंचायत ट्रस्ट के अध्यक्ष राजकुमार फौजी द्वारा सात दिनों तक जल सेवा की गई।

इस अवसर पर पधारे आचार्य संत शिवप्रकाशानंद महाराज ने भक्तों को आशीर्वचन देते हुए कथा के दानदाताओं व सहयोगकर्ताओं को आशीर्वाद प्रदान किया।
कथा के दौरान संगीत सेवा विशेष आकर्षण रही। सुप्रसिद्ध भजन गायक हरीश द्वारका ने “श्याम बाबा की धमाल” जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर पूरे पंडाल को भक्ति रस में सराबोर कर दिया, जिससे श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे।
कार्यक्रम में संत समागम के रूप में आनंद महाराज, सुदर्शन महाराज, कंचन, त्यागी बाबा, मदन वैष्णव व पंडित बनवारी महाराज की उपस्थिति रही।
अंत में शिव मंदिर समस्त कुम्हारान पंचायत ट्रस्ट के अध्यक्ष राजकुमार फौजी ने समस्त कुचामन सिटी की जनता का सहयोग व सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का भक्तिमय वातावरण में समापन हुआ।
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