कुचामन सिटी (डीडवाना-कुचामन) जिले में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने रविवार अल सुबह व्यापक कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के चिन्हित हॉट स्पॉट्स पर एक साथ दबिश दी।


पुलिस थाना कुचामन सिटी के नेतृत्व में सेक्टर के विभिन्न थानों की संयुक्त टीमों ने करीब 100 पुलिसकर्मियों के साथ यह ऑपरेशन चलाया, जिसमें 17 व्यक्तियों को डिटेन किया गया तथा 7 मोटरसाइकिल और 8 मोबाइल फोन जब्त किए गए।

इस दौरान 4 अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर 50 से अधिक साइबर शिकायतों का खुलासा किया गया।
यह पूरी कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर के निर्देशन में संपन्न हुई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह, वृताधिकारी मुकेश चौधरी तथा थाना प्रभारी सतपाल सिंह के सुपरविजन में सेक्टर कुचामन सिटी, नावां, चितावा और मारोठ थानों की टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया।

म्यूल खातों के जरिए ठगी का बड़ा नेटवर्क उजागर :-
पुलिस जांच में सामने आया कि म्यूल खातों के माध्यम से निवेश, नौकरी और ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर लोगों से लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक की ठगी की जा रही थी। पुलिस ने इन खाताधारकों के विरुद्ध 4 प्रकरण दर्ज किए हैं, जिनमें एक मामले में आरोपी चेतन को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। इन खातों से जुड़े 100 से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों को जांच के दायरे में लिया गया है।
चार बड़े मामलों में करोड़ों की ठगी :-
कुचामन सिटी थाना क्षेत्र में निवेश और नौकरी के नाम पर 9 लाख रुपये से अधिक की ठगी का मामला सामने आया। वहीं मारोठ में 2 लाख रुपये से अधिक की ठगी दर्ज की गई। चितावा में सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की गई, जबकि नावां शहर में व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ट्रेडिंग का झांसा देकर करीब 2 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की वारदात सामने आई। सभी मामलों में बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत जांच जारी है।
कई राज्यों तक फैला साइबर गिरोह :- पुलिस ने बताया कि इन म्यूल खातों से जुड़े साइबर अपराधों की शिकायतें तेलंगाना, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सहित कई राज्यों में दर्ज हैं। अब तक 50 से अधिक शिकायतों का खुलासा किया जा चुका है जबकि कुल ठगी राशि 2 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
कुचामन के 10 आरोपी सहित कुल 17 संदिग्ध डिटेन :-
कार्रवाई के दौरान विभिन्न स्थानों से 17 संदिग्धों को डिटेन किया गया जिनमें श्रवण (40) पुत्र मोहन निवासी बुगालिया बास कुचामनसिटी, गोपाल (25) पुत्र श्रवण निवासी बुगालिया बास साटिया बस्ती कुचामन, मुकेश (20) पुत्र मोहन निवासी साटिया बस्ती नांवा शहर, श्रवण (28) पुत्र कैशाराम निवासी जालुंड थाना खाटुश्यामजी जिला सीकर, श्रवण (19) पुत्र मोतीराम निवासी बुगालिया बास कुचामनसिटी, गोपाल (24) पुत्र मोतीराम निवासी बुगालिया बास कुचामनसिटी, कालूराम (40) पुत्र मोतीराम निवासी बुगालिया बास कुचामनसिटी, पूनम (25) पुत्र मंगतुराम निवासी बुगालिया बास कुचामनसिटी, करण कुमार (25) पुत्र गोपालराम निवासी राणासर थाना कुचामनसिटी, मोहित (21) पुत्र मुकेश निवासी कुचामनसिटी, पवन कुमार (19) पुत्र पीरूराम निवासी कुचामनसिटी, समीर (21) पुत्र युसुफ खान निवासी नांवा, राजकुमार (37) पुत्र बाबूलाल निवासी नांवा, रोहित (19) पुत्र सुरेश कुमार निवासी घाटवा, राहुल (19) पुत्र मोटाराम निवासी हनुमानुपरा, अशोक कुमार (19) पुत्र राजूराम निवासी भीलाल तथा अश्वनी कुमार (25) पुत्र प्रभुराम निवासी चितावा शामिल हैं।
इनके कब्जे से मोबाइल फोन जब्त कर डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और समन्वय पोर्टल के माध्यम से अन्य सह-अपराधियों की पहचान की जा रही है।
इस ऑपरेशन में कुचामन सिटी, नावां, चितावा और मारोठ थाना पुलिस के साथ साइबर सेल एवं जिला डीएसटी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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