कुचामन सिटी. सुहाग के पावन पर्व गणगौर पर कुचामन शहर में बोलावणी परंपरागत उत्साह और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कुचामन फोर्ट से ईसर-गणगौर की शाही सवारी राजसी ठाठ और शान-ओ-शौकत के साथ निकाली गई, जिसने पूरे शहर को उत्सवमय बना दिया।


सवारी से पूर्व कुचामन गढ़ में गणगौर माता की भव्य आरती आयोजित की गई। मुख्य अतिथि भंवर सिंह पलाड़ा, विशिष्ट अतिथि सोहन सिंह (कुचामन फोर्ट) व मनोज जोशी (भामाशाह), श्रीसेवा समिति अध्यक्ष उमेश शर्मा सर्राफ, समाजसेवी श्यामसुंदर मंत्री, कुंजी बिहारी जोशी सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने आरती में भाग लिया।

इसके पश्चात सवारी गाजे-बाजे, सजे-धजे ऊंट-घोड़ों और 21 खुली जिप्सियों के साथ धान मंडी, सदर बाजार, गोल प्याऊ, बस स्टैंड और अंबेडकर सर्किल होते हुए आथुरना दरवाजा पहुंची। यहां समाजसेवी वैद्य श्याम स्वरूप गौड़ द्वारा ऊंट-घोड़ा चालकों एवं अन्य लोगों का साफा बांधकर स्वागत किया गया।
पूरे मार्ग में सजे-धजे ऊंट-घोड़े और पारंपरिक वेशभूषा में शामिल लोग राजसी वैभव की झलक प्रस्तुत कर रहे थे। महिलाओं और युवतियों ने गणगौर माता को ज्वारे अर्पित कर सुख-समृद्धि, दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना की।


शोभायात्रा के दौरान 101 स्थानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया, वहीं 50 स्थानों पर शीतल जल व शरबत की व्यवस्था की गई। राजपूत समाज के युवाओं ने केसरिया साफा और पारंपरिक वेशभूषा के साथ हाथों में तलवार लेकर जुलूस की शोभा बढ़ाई।
गढ़ लौटने के बाद भी मेले का आकर्षण देर रात तक बना रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिससे पूरा आयोजन जीवंत और भव्य बन गया।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
शोभायात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई। प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहा तथा भीड़ नियंत्रण के लिए वालंटियर्स की सहायता ली गई। आयोजन को सफल बनाने में नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन का सराहनीय सहयोग रहा।






