कुचामन सिटी में प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभनाथ के जन्म कल्याणक का पर्व गुरुवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। यह आयोजन जैन वीर मंडल के तत्वावधान में हुआ। जिसमें समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।


समाज के सोभागमल गंगवाल और अशोक झांझरी ने बताया कि सुबह 7 बजे शहर के सभी जिनालयों में भगवान का अभिषेक, शांतिधारा, पूजन और विधान के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके बाद सुबह 9 बजे अजमेरी मंदिर से भगवान ऋषभनाथ की भव्य रथयात्रा निकाली गई, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी।

जयकुमार पहाड़िया और सुभाष रावका के अनुसार – रथयात्रा में भगवान के रथ के सारथी बनने और चंवर ढोरने का सौभाग्य राजेश कुमार-मनोज कुमार पांड्या परिवार को मिला। जबकि खंजाची चंवर ढोरने का सौभाग्य संजय कुमार, अजय कुमार और दिलीप कुमार पाटोदी परिवार को प्राप्त हुआ। भगवान को विराजमान कराने का सौभाग्य सुरेश कुमार, नरेश कुमार और शैलेश काला परिवार को मिला।


रथयात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। पुरुष सफेद परिधान और केसरिया धोती-दुपट्टे में तथा महिलाएं केसरिया परिधान में नजर आईं। बच्चे और बालिकाएं बैनर व ध्वज लेकर जुलूस की शोभा बढ़ा रहे थे। जुलूस के दौरान भगवान आदिनाथ के जयकारे और भजनों से वातावरण भक्तिमय हो गया।

जुलूस धान मंडी, पलटन गेट, गोल प्याऊ, बस स्टैंड, अंबेडकर सर्किल और आथूना दरवाजा होते हुए उपासरा गली से वापस धान मंडी पहुंचा। मंदिर परिसर में भगवान आदिनाथ का कलशाभिषेक हुआ। जिसके दर्शन कर श्रावक-श्राविकाओं ने स्वयं को गौरवान्वित महसूस किया।
कार्यक्रम के समापन पर गुणमाला देवी कमलकुमार पांड्या परिवार की ओर से सभी श्रद्धालुओं को इक्षु रस पिलाया गया। वहीं रात 8 बजे नागौरी नशियांजी में आचार्य मांगतुंग द्वारा रचित भक्ताम्बर पाठ और 48 दीपकों से आरती का आयोजन किया गया।
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