कुचामन सिटी में “साइबर पाठशाला” एवं महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


कार्यक्रम सरला बिड़ला कल्याण मंडप में आयोजित हुआ जिसका उद्देश्य तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाना तथा आमजन, विशेषकर महिलाओं और बालिकाओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना रहा।

यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर (आईपीएस) के निर्देशन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान “आओ साइबर पाठशाला चलें” अभियान के तहत साइबर सिक्योरिटी टिप्स को सरल भाषा में क, ख, ग, ज्ञ के माध्यम से समझाया गया, जिससे आमजन आसानी से साइबर सुरक्षा के मूलभूत नियमों को समझ सकें।

साइबर अपराध से बचाव के बताए उपाय
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा एवं वृताधिकारी मुकेश चौधरी की उपस्थिति में साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए गए। इस दौरान CEIR पोर्टल, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा पुलिस थानों में संचालित साइबर हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
महिला सशक्तिकरण अभियान के तहत कालिका टीम द्वारा महिलाओं और बच्चियों को आत्मरक्षा (Self Defense) का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। थानाधिकारी (प्रोबेशनरी RPS) ऋतु चौधरी ने राजकॉप सिटीजन एप्लिकेशन तथा हेल्पलाइन नंबर 112 (पुलिस सहायता) एवं 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) के उपयोग के बारे में जानकारी दी।

डिजिटल सुरक्षा को लेकर किया जागरूक
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल युग में सावधानी ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। साइबर अपराधों से बचने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। बड़ी संख्या में महिलाओं, छात्राओं एवं आमजन ने भाग लेकर सुरक्षा के गुर सीखे।
मुख्य सुरक्षा उपाय :-
- साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
- अज्ञात व्यक्ति द्वारा पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर डराने या पैसे मांगने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
- सोशल मीडिया प्रोफाइल को प्राइवेट रखें और अनजान लोगों की रिक्वेस्ट स्वीकार न करें।
- फर्जी निवेश योजनाओं, रोजगार विज्ञापनों और सरकारी योजनाओं के नाम पर होने वाली ठगी से सतर्क रहें।
- बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर अभिभावक नजर रखें और उन्हें साइबर जोखिमों के प्रति जागरूक करें।






