कुचामन सिटी में शीतला अष्ठमी का पर्व आज श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाया जा रहा है। पुराना बस स्टैंड स्थित शीतला माता मंदिर में अलसुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।


सुबह होते ही माताएं अपने बच्चों के साथ लंबी कतारों में लगकर माता के दर्शन कर रही हैं तथा धोक लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि और बच्चों की कुशलता की कामना कर रही हैं।

मंदिर परिसर में भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर समिति की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। दर्शन के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
व्यवस्था बनाए रखने के लिए समिति के सदस्य लगातार सेवाएं दे रहे हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से भी मंदिर परिसर में जाब्ते की तैनाती की गई है।

शीतला अष्ठमी के अवसर पर आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कुचामन सिटी पहुंचे हैं। हर वर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। जिनमें महिलाओं की संख्या अधिक रहती है। मंदिर समिति के अनुसार इस बार करीब 30 हजार महिलाओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए उसी अनुसार व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि सभी श्रद्धालुओं को सुचारू रूप से दर्शन हो सकें।

श्रद्धालु माता को पारंपरिक रूप से ठंडे पकवानों का भोग लगा रहे हैं। भोग में गुलगुले, लापसी, शक्करपारे, राबड़ी, दही सहित कई प्रकार के ठंडे पकवान चढ़ाए जा रहे हैं।
मान्यता है कि मौसम परिवर्तन के समय चेचक और चिकन पॉक्स जैसी बीमारियों से बचाव के लिए शीतला माता की पूजा की जाती है। मारवाड़ क्षेत्र की परंपरा के अनुसार इस दिन से घरों में मटके के पानी का उपयोग भी शुरू किया जाता है। कई श्रद्धालु साल का पहला मिट्टी का मटका माता को अर्पित कर उसके बाद ही घर में शीतल जल का उपयोग प्रारंभ करते हैं।
मंदिर परिसर के बाहर भी आज खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। यहां अस्थायी दुकानों की कतारें सज गई हैं। जहां श्रद्धालु पूजा सामग्री और अन्य सामान की खरीदारी कर रहे हैं। बुधवार रात्रि एक बजे से बासेड़ा का मेला शुरू हो गया था। जो दो दिनों तक चलेगा। मेले में दूर-दूर से आए लोग खरीदारी के साथ-साथ धार्मिक वातावरण का आनंद ले रहे हैं।
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