कुचामन सिटी. अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सुन्दर लाल खारोल ने नारकोटिक ड्रग्स एंड सायकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के 8 वर्ष पुराने मामले में दो आरोपियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।


अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में दोनों को दो वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश सुन्दर लाल खारोल ने कहा कि आरोपियों के कब्जे से जब्त अवैध मादक पदार्थ की मात्रा 241.800 किलोग्राम है जो अवैध डोडा पोस्त की वाणिज्यिक मात्रा से लगभग पांच गुना अधिक है। ऐसे अपराध में न्यूनतम सजा से अधिक सजा देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नशा एक ऐसी बीमारी है जो धीरे-धीरे जीवन को खत्म कर देती है।
अपर लोक अभियोजक मनीष शर्मा के अनुसार – 11 दिसंबर 2018 की रात करीब 1:30 बजे कुचामन सिटी थाना पुलिस गश्त के दौरान कुचामन बाईपास पर पहुंची। इस दौरान अजमेर की ओर से आ रहा एक ट्रक पुलिस वाहन को देखकर कुछ दूरी पहले साइड में रोक दिया गया। ट्रक से उतरे दो व्यक्ति भागने लगे। जिन्हें पकड़कर पूछताछ करने पर उन्होंने अपना नाम बूटासिंह निवासी राजपुरा जिला बठिंडा और राजू निवासी शेरबरा बठिंडा बताया।

सोयाबीन के कट्टों के नीचे छिपाया था 241 किलो डोडा चूरा
पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली तो सोयाबीन के कट्टों के नीचे छिपाकर रखे गए 12 कट्टों में 241.800 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडा चूरा बरामद हुआ। दोनों आरोपियों के पास इसके लिए कोई लाइसेंस या परमिट नहीं था। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 और 8/25 के तहत मामला दर्ज कर जांच पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाहों के बयान और 24 दस्तावेज पेश किए गए। साक्ष्यों और बहस के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए 20-20 साल के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
इसके अलावा न्यायालय ने अवैध मादक पदार्थ के परिवहन में प्रयुक्त ट्रक नंबर RJ-19 GC-6094 की अंतरिम सुपुर्दगी निरस्त करते हुए उसके अधिहरण की कार्रवाई करने के आदेश भी दिए।
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