कुचामन सिटी. राजस्थान के प्रमुख और सबसे रंगीले लोक पर्व गणगौर की धूम इन दिनों हर ओर देखने को मिल रही है। इसी क्रम में कुचामन सिटी के चैजारों के मोहल्ले में भी गणगौर महोत्सव बड़े ही धूमधाम और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।


मोहल्ले की महिलाओं पुष्पालता पारीक, शिखा पारीक, महिमा कुमावत, सुनीता कुमावत, तारा शर्मा, रेखा कुमावत, शोभा कुमावत, कोमल कुमावत, उर्मिला कुमावत, संतोष कुमावत सहित अन्य महिलाओं ने एकत्रित होकर ईसर-गौर (भगवान शिव और माता पार्वती) की विशेष पूजा-अर्चना की तथा अखंड सौभाग्य की कामना की।

आयोजन के दौरान पूरे मोहल्ले में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। सभी महिलाएं पारंपरिक राजस्थानी परिधानों लहरिया, चुनरी और गोटा-पत्ती से सजी राजपूती पोशाकों में सज-धज कर पूजा स्थल पर पहुंचीं। हाथों में रची गहरी लाल मेहंदी और चेहरे की मुस्कान पर्व के उत्साह को और बढ़ा रही थी।
युवतियों ने योग्य वर की प्राप्ति के लिए, वहीं सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए पूरे विधि-विधान से गणगौर माता का पूजन किया। पूजा के दौरान दूब (घास) और जल अर्पित कर माता को भोग लगाया गया।

पूजा के समय महिलाओं ने सामूहिक रूप से पारंपरिक राजस्थानी लोकगीत “गौर-गौर गोमती”, “ईसर पूजे पार्वती” और “म्हाने खेलण दो गणगौर” गाकर वातावरण को संगीतमय बना दिया।
कार्यक्रम के अंत में ढोलक और मंजीरे की थाप पर महिलाओं ने घूमर नृत्य प्रस्तुत किया।
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