कुचामन सिटी. राजस्थान में ओबीसी आरक्षण के वर्गीकरण (बंटवारा) एवं यूजीसी लागू करने की मांग को लेकर नेशनल जनमंडल पार्टी द्वारा आंदोलन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।


इसी क्रम में रविवार को कुचामन सिटी स्थित शिव मंदिर परिसर में नेशनल जनमंडल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष दौलतराम पैंसिया के दौरे के दौरान एक महत्वपूर्ण बैठक एवं महासभा का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता राजकुमार फौजी ने की।

बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष दौलतराम पैंसिया ने कहा कि 19 अक्टूबर 1999 से अब तक राजस्थान में ओबीसी आरक्षण का समुचित वर्गीकरण लागू नहीं किया गया है। जिससे मूल ओबीसी समाज की अनेक जातियां अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित रह गई हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकारी नौकरियों एवं अन्य आरक्षण लाभों का अधिकांश हिस्सा सीमित एवं सक्षम वर्गों तक ही सिमट गया है। जबकि मूल ओबीसी समाज की लगभग 45 प्रतिशत जातियों के लाखों शिक्षित युवक-युवतियां बेरोजगारी के कारण ओवरएज हो रहे हैं।

रिपोर्ट लागू नहीं होने पर सरकारों पर आरोप, चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा
उन्होंने यह भी बताया कि जुलाई 2001 में ओबीसी आयोग द्वारा प्रस्तुत वर्गीकरण संबंधी रिपोर्ट तथा अगस्त 2015 में राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों को भी अब तक प्रभावी रूप से लागू नहीं किया गया है। पैंसिया ने पूर्ववर्ती कांग्रेस एवं भाजपा सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 27 वर्षों में मूल ओबीसी समाज के हितों की अनदेखी की गई है।
उन्होंने बताया कि नेशनल जनमंडल पार्टी का गठन मूल ओबीसी समाज के अधिकारों की रक्षा, जनसंख्या आधारित आरक्षण वर्गीकरण एवं रोहिणी आयोग की रिपोर्ट लागू करवाने के उद्देश्य से किया गया है। इसी क्रम में आगामी दिनों में डीडवाना-कुचामन जिला मुख्यालय सहित विभिन्न जिला एवं तहसील स्तर पर चरणबद्ध धरना-प्रदर्शन एवं जन आंदोलन आयोजित किए जाएंगे।

बैठक में कुचामन सिटी, नावां, मकराना एवं डीडवाना क्षेत्र से आए मूल ओबीसी समाज के अनेक समाजबंधुओं ने भाग लिया तथा आंदोलन को सफल बनाने हेतु अपने विचार व्यक्त करते हुए पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया।
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